मोदी-मैक्रों के वाराणसी दौरे पर गंगा की गंदगी छुपाई गयी: कांग्रेस

वाराणसी। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वाराणसी की जनता के साथ-साथ मां गंगा को धोखा देने का अारोप लगाते हुए कहा कि कल फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भ्रमण दौरान गंदगी पर पर्दे और गंगा में सैकड़ों लीटर इत्र डालकर नाकामी छुपाने की कोशिश की गई।

मोदी से लोकसभा का चुनावी मुकाबला कर चुके पूर्व विधायक अजय राय ने मंगलवार को कई स्थानीय निवासियों के साथ ऐतिहासिक असि घाटों सहित कई गंगा घाटों का जायजा लेने के बाद संवाददाताओं से कहा कि विदेशी मेहमान के दौरे पर सफाई का झूठा प्रचार कर गंदगी ढकी गई।

राय ने आरोप लगाया कि असि से दशाश्वमेध घाट तक जगह-जगह पसरी गंदगी के कारण फैली दुर्गंध को दबाने के लिए सैकड़ों लीटर इत्र डाले गए थे, लेकिन आज फिर पहले की तरह बदबू आ रही है।

उन्होंने कहा कि मोदी के चार वर्षों के कार्यकाल में सफाई के लिए गंदे नाले को गंगा में गिरने से रोकने का बुनियादी कार्य तक नहीं हुआ। अब तक एक भी नाला बंद नहीं किया गया है तो गंगा कैसे निर्मल होगी।

शहर की गंदगी नाले के माध्यम से सीधे गंगा में गिरकर उसे प्रदूषित कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि यहां के बड़े गंदे नालों में शामिल असि घाट का नाला बंद किया गया या उसे साफ करने की कोई व्यवस्था की गई क्या।

कांग्रेस नेता कहा कि मोदी और मैक्रों के कार्यक्रम स्थलों के आसपास की सड़कों की मरम्मत का कार्य भी आधे-अधूरे हैं तथा सड़क किनारे की गंदगी के ढेर को पर्दों से ढांक दिए गए थे।

कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा ने आरोप लगाया कि सोमवार को मोदी और मैक्रों के कार्यक्रम के बाद गंगा घाटों पर गंदगी बिखरी हुई, जहां अनेक राष्ट्रीय ध्वज फेंके गए हैं। इस तरह झंडे का भी अपमान किया जा रहा है। गंगा की सफाई और विकास के नाम पर धोखा दिया जा रहा है।

कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए हुए भारतीय जनता पार्टी विधान पार्षद लक्ष्मण आचार्य ने कहा कि विरोधी दलों के पास कोई मुद्दा नहीं है। इसी वजह से विदेशी मेहमानों के दौरे पर भी सवाल उठा रहे हैं।