राजस्थान में तेज अंधड और तूफान ने ली 34 लोगों की जान

राजस्थान में तेज अंधड़ से 15 लोगो की मौत और 100 से ज्यादा घायल
राजस्थान में तेज अंधड़ से 15 लोगो की मौत और 100 से ज्यादा घायल

जयपुर। राजस्थान में बुधवार को आए आंधी और तूफान में मरने वालों की संख्या 34 हो गई है तथा एक सौ से अधिक लोग घायल हो गए।

राज्य सरकार ने हादसे में मरने वाले मृतकों के परिजनों को चार चार लाख रूपए की सहायता देने के साथ ही आपदा प्रभावित तीन जिलों के लिए आपदा राहत कोष से ढाई करोड़ रूपए की राशि आवंटित की है तथा प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्य शुरू कर दिए हैं।

प्रदेश में आए प्राकृतिक आपदा पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना से मैं बहुत व्यथित हूं और उन्होंने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत ने मृतकों के प्रति सवेंदना व्यक्त करते हुए अपने जन्म दिन पर आज आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को रद्द कर दिया।

उन्होने कहा कि आज केवल रक्तदान, ओर जनहित के कार्यक्रम ही आयोजित होंगे। उन्होंने अपने आवास पर आने वाले कार्यकर्ताओं से बुके ओर मिठाई भी नहीं ग्रहण किए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने भी प्राकृतिक आपदा में मृत लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से प्रभावितों को तत्काल राहत पहुंचाने का आग्रह किया।

राजस्थान के आपदा एवं राहत मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने आपदा प्रंबंध अधिकारियों के साथ प्रदेश में हुए नुकसान की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि अभी तक मिली सूचनाओं के अनुसार प्रदेश में कुल 34 लोगों की मृत्यु तथा 100 से अधिक लोग घायल हुए है।

इनमें से सर्वाधिक 16 लोगों की मृत्यु भरतपुर में तथा 11 की अलवर में तथा सात लोगों की मृत्यु धौलपुर में हुई है। उन्होंने कहा कि अभी तत्काल यह पता नही चला है कि इस आपदा में कितना नुकसान हुआ है हालांकि अधिकारियों को नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दे दिए गए है।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा इस आपदा से सर्वाधिक प्रभावित तीन जिलों भरतपुर, अलवर और धौलपुर में आपदा राहत कार्यो के लिए तत्काल ढाई करोड़ रूपए की राशि स्थानांतरित की गयी है। इनमें से एक करोड़ रूपए भरतपुर, 85 लाख रूपए धौलपुर तथा 65 लाख रूपए अलवर के लिए आवंटित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टरों को तत्काल बचाव एवं राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने काम करना शुरू कर दिया है।