पाकिस्तान पहुंचे 159 भारतीय हिन्दू तीर्थ यात्री, सदियों पुराने मंदिर के करेंगे दर्शन

इस्लामाबाद। भारत के वाघा बॉर्डर से पाकिस्तान पहुंचे 159 हिन्दू तीर्थयात्री पंजाब के कटासराज मंदिर और ख़ैबर पख्तूनख्वा में स्थित प्राचीन टेरी मंदिर के दर्शन करेंगे।

समा की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में तीर्थयात्रा के लिए आए 159 भारतीय हिंदू तीर्थयात्रियों को लाहौर से पेशावर के लिए पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन (पीआईए) से पेशावर भेजा गया।

इससे पहले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) के रमेश कुमार वंकवानी ने वाघा बॉर्डर पर यात्रियों की अगवानी की। इसके बाद सभी तीर्थयात्रियों को विमान के ज़रिये पेशावर ले जाया गया जहां वे ख़ैबर पख़्तुनख़्वा प्रांत के करक जाने से पहले एक दिन रुकेंगे। करक में तीर्थयात्री टेरी मंदिर के दर्शन करेंगे। करक के टेरी गांव में मंदिर परमहंस जी महाराज को समर्पित है, जो एक हिंदू संत थे। उनका निधन 1919 में हुआ था, और इसमें उनका समाधि स्थल है।

यह वही मंदिर है जिसे 2020 में तोड़फोड़ के बाद पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बहाल किया गया था। उच्चतम न्यायालय ने अधिकारियों को नुकसान की भरपाई के लिए हमलावरों से 34 करोड़ रुपए वसूलने के लिए भी कहा था।

पाक मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान हिंदू परिषद के निमंत्रण पर संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, भारत और अन्य देशों से कुल 250 हिंदू यात्री मंदिर जा रहे हैं। वांकवानी ने मीडिया को बताया कि भारत और पाक के बीच हर महीने प्रतिनिधि मंडल का आदान-प्रदान होगा। उन्होंने कहा, वर्ष 2022 पाकिस्तान और भारत के बीच धार्मिक पर्यटन के साथ शुरू होगा। उन्होंने कहा कि, दोनों देशों के बीच व्यापार यात्राएं भी जल्द ही शुरू होंगी।

उन्होंने कहा कि दोनों देश एक दूसरे देश के संपर्क साधने वाली पुरानी नीति की तरफ़ लौटेंगे। सिंध के हिन्दू समुदाय के सदस्यों और पाकिस्तान हिन्दू परिषद के प्रतिनिधियों ने भी टेरी मंदिर के दर्शन किए।