22वां फाल्गुन महोत्सव : सांसद रघु शर्मा मूर्खाधिराज, आईजी मालिनी महामूर्ख

22nd Falgun Mahotsav Ajmer
22nd Falgun Mahotsav Ajmer

अजमेर। एक मार्च को आयोजित अजमेर के सबसे प्रतिष्ठित और महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम 22वें फागुन महोत्सव 2018 में नव निर्वाचित सांसद डॉ. रघु शर्मा मूर्खाधिराज चुने गए और आईजी मालिनी अग्रवाल को महामूर्ख घोषित किया गया।

इनके सहयोग के लिए मूर्खराज मंडली का चयन भी किया गया जिसमें शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी, महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री अनिता भदेल, संसदीय सचिव सुरेश रावत, नगर निगम अजमेर के मेयर धर्मेन्द्र गहलोत, कलेक्टर गौरव गोयल, पुलिस अधीक्षक राजेंद्र सिंह, डीआरएम पुनीत चावला, दैनिक नवज्योति के संपादक दीनबंधु चौधरी, अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी, नसीराबाद विधायक रामनारायण गुर्जर और भाजपा के युवा नेता भंवर सिंह पलाड़ा शामिल किए गए।

हर साल की तरह जवाहर रंगमंच खचाखच भरा हुआ था। साल के इस बड़े कार्यक्रम फागुन महोत्सव का अजमेर जिले के तमाम महत्त्वपूर्ण लोगों के साथ साथ समाज के हर वर्ग को बेसब्री से इंतजार रहता है। कंवल प्रकाश किशनानी और कोसीनोक जैन की टीम कार्यक्रम का शुभंकर चाय पकौड़ा लेकर पहुंची। टीम ने विशिष्ट व्यक्तियों को पकौड़ा वितरित भी किया।

शुभंकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल में पकौड़े को लेकर दिए गए बयान पर आधारित था। चित्रकूट धाम के पाठकजी महाराज, प्रेम प्रकाश आश्रम देहलीगेट के महंत ओम लाल शास्त्री, सांसद डॉ. रघु शर्मा, नगर निगम के मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने अगरबत्ती लगाकर शुभंकर स्थापित किया। मंच संचालन प्रताप संकत व नरेन्द्र भारद्वाज ने किया।

इसके बाद शुरु हुआ पूरे वर्ष भर की गतिविधियों, देश, प्रदेश, अजमेर जिले की प्रमुख घटनाओं, गतिविधियों पर आधारित झलकियों, नाटकों और अवार्डस का सिलिसला। लोगों ने जमकर इनका आनंद लिया।

अजमेर लोकसभा चुनाव में पहली बार इस्तेमाल की गई वीवीपैट मशीन को लेकर नाटक प्रधानमंत्री पकौड़ा रोजगार योजना ने जहां लोगों को गुदगुदाया वहीं सरकारी उर्फ शौच ने हंसा हंसा कर लौट पोट कर दिया। रोजगार योजना नाटक लिखा निरंजन कुमार ने और निर्देशन किया यौबी जॉर्ज ने। सरकारी शौचालय नाटक लिखा डॉ. हरीश बेरी ने और निर्देशन किया यौबी जॉर्ज ने।

जुम्मा खान और अलताफ के मुख्य किरदार वाली झलकी विकास का जापा ने हंसा हंसा कर लोगों का पेट दुखा दिया। इसके लेखक निरंजन कुमार और निर्देशन किया था यौबी जॉर्ज ने। वरिष्ठ रंगकर्मी लाखनसिंह द्वारा निर्देशित और सोनल, विकल्प सिंह द्वारा अभिनीत झलकी फागुन की फिरौती ने भी पति पत्नी के संबंधों पर तीखा व्यंग्य किया।

विष्णु अवतार भार्गव द्वारा लिखित और अलताफ द्वारा निर्देशित खूबसूरत बहू और रजनीश रोहिल्ला द्वारा लिखित और यौबी जॉर्ज द्वारा निर्देशित माल्या मोदी मिलन झलकियों ने भी खूब गुदगुदाया।

अनंत भटनागर और माधवी स्टीफन द्वारा चुटीले फागुन समाचार पेश किए गए। सेंट्रल गर्ल्स सीनियर सेकंडरी स्कूल की छात्राओं ने फाग नृत्य पेश किया। नृत्य निर्देशन किया था शशि गुप्ता और सुमनलता शर्मा ने और साक्षी, संगीता, ज्योति, चंचल, दिव्या, विनीता, जयश्री, दया, प्राची, फरीन, तमन्ना, मुस्कान, हर्षिता, अनुभूति, लीना और लिपिका की टीम ने बेहतरीन नृत्य पेश किया।

कार्यक्रम की खास पेशकश डॉ. रमेश अग्रवाल द्वारा लिखित कव्वाली-बना झौंपड़ी, इसको किला बताना है, तारागढ़ फिर नाम यहां लिखाना है रही। प्रतापसिंह सनकत, जीएस विर्दी, हेमंत शर्मा, डॉ. अतुल दुबे, फरहाद सागर, अकलेश जैन और साथियों ने व्यवस्थाओं को लेकर बेहतरीन अंदाज में यह कव्वाली प्रस्तुत की।

कार्यक्रम में शहर के प्रमुख प्रतिष्ठित लोगों को फागुन अवार्ड भी दिए गए। दूसरों के दुख दर्द में हमेशा काम आने वाले समाज सेवियों को पहली बार अवार्ड में शामिल किया गया। अवार्ड का नाम रखा गया फटे में टांग। इसके नोमीनी थे महावीर इंटरनेशनल के पदमचंद जैन, लॉयंस क्लब के अतुल पाटनी और जेएलएन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनिल जैन।

यह अवार्ड डॉ अनिल जैन को दिया गया। पत्रकारों के लिए थोथा चना बाजे घणा अवार्ड रखा गया। इसक नोमिनी थे राजेंद्र शर्मा,, राजेंद्र गुंजल, एसपी मित्तल, गिरधर तेजवानी, प्रियांक शर्मा। इस बार यह अवार्ड मिला वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुंजल को।

आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए टिकट चाहने वाले नेताओं के लिए टपकती लार अवार्ड रखा गया। इसके नोमीनी थे कांग्रेस के युवा नेता हेमंत भाटी, भाजपा के कंवल प्रकाश किशनानी, देहात कांग्रेस अध्यक्ष, भूपेंद्र सिंह राठौड़, शहर कांग्रेस अध्यक्ष, विजय जैन और पूर्व उप मंत्री, ललित भाटी। यह अवार्ड हेमंत भाटी को दिया गया। ये बेचारे जीएसटी के मारे अवार्ड प्रमुख व्यवसायी सीताराम गोयल को दिया गया। इसके नोमीनी थे सीताराम गोयल, दीपक हासानी, गुलाब मोतियानी और सीए अजीत अग्रवाल।

लटकता खंजर अवार्ड दिया गया भाजपा के देहात अध्यक्ष प्रो. बीपी सारस्वत को। इसके नोमीनी थे भाजपा के देहात अध्यक्ष प्रो. बीपी सारस्वत, आरएएस अधिकारी सुरेश सिंधी, भाजपा के शहर अध्यक्ष अरविंद यादव और आरएएस भगवत सिंह राठौड़।

नायाब नमूने अवार्ड दिया गया यूआईटी के पूर्व सदर भाजपा नेता धर्मेश जैन को। इसके नोमीनी थे पूर्व सांसा रासासिंह रावत, धर्मेश जैन, शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह रलावता और वरिष्ठ पत्रकार अरविंद गर्ग।

कार्यक्रम के आरंभ में वरिष्ठ पत्रकार एसपी मित्तल ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम नगर निगम, अजमेर विकास प्राधिकरण और अजमेर डेयरी के सहयोग से आयोजित किया जाता है। समाज सेवी जगदीश वच्छानी, युवा कारोबारी जीतेंद्र रंगवानी का भी सहयोग रहा।

गीत संगीत के लिए हेमंत शर्मा, सुनील गौड़, श्रीनारायण और उनकी टीम ने सहयोग दिया। कार्यक्रम में ईनामी ड्रा भी निकाला गया। प्रथम पुरस्कार साइकिल एमपी साइकिल के ललित नागरानी द्वारा उपलब्ध करवाई गई जबकि अन्य दस पुरस्कार कुवेरा कलेक्शन के आरडी कुवेरा की ओर से दिए गए।

भाटी बंधुओं का मिलन

अवार्ड कार्यक्रम के दौरान संयोग से ललित भाटी और हेमंत भाटी एक साथ एक ही अवार्ड के लिए नोमीनी बनाए गए। दोनों मंच पर आए और पास पास खड़े हो गए। अचानक ही दोनों के बीच एक अन्य नोमीनी आ गए। संचालन कर रहे नरेंद्र भारद्वाज ने चुटकी ली कि राजनीति रिश्तों में दीवार खड़ी कर रही है। फिर बातचीत का ऐसा सिलसिला चला कि दोनों भाई आपस में गले मिल गए।

हेमंत ने बड़े भाई ललित भाटी के पैर भी हुए और यह बताया कि परिवार में भले ही भाईयों में कितना भी विवाद हो, आदर कभी समाप्त नहीं होता और भाई आखिर भाई ही होता। दोनों भाईयों के मिलन पर खचाखच भरा रंगमंच काफी देर तक तालियों से गूंजता रहा। लोगों ने तालियां बजाकर यह साफ संदेश दिया कि दोनों भाई इसी तरह एक रहें।

सुरेंद्र सिंह शेखावत को रघु शर्मा ने गले लगाया

फागुन महोत्सव कार्यक्रम में एक और बड़ी घटना हुई। नगर निगम के पूर्व सभापति सुरेंद्र सिंह शेखावत और सांसद डॉ. रघु शर्मा भी गले मिले। दोनों हालांकि लंबे समय से एक दूसरे से परिचित हैं और मित्रता भी है। लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान शेखावत ने पटेल मैदान में आयोजित एक चुनावी सभा में डॉ. रघु शर्मा पर आरोप जड़ दिया कि वे बहुचर्चित ब्लैकमेल कांड में शामिल थे। इस आरोप से डॉ. शर्मा बुरी तरह आहत थे। पिछले दिनों उन्होंने शेखावत को नोटिस भेज कर कहा था कि वे अपने बयान का खंडन करें, सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।

सुरेंद्र सिंह शेखावत भी भावावेश में आरोप लगाने के बाद से ही दुखी थे। उन्होंने महोत्सव के मंच का इस्तेमाल करते हुए डॉ. शर्मा से अपने बयान के लिए खेद व्यक्त किया। डॉ. शर्मा ने इस मौके पर चुटकी ली कि मैं तो ब्लैकमेल कांड का आरोपी हूं, गले मिलूंगा तो शेखावतजी की बदनामी हो जाएगी। लेकिन इसके तत्काल बाद उन्होंने शेखावत को गले लगाकर इस विवाद को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया।