ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर में चढ़ाए गए 24 किलो चांदी के आभूषण

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के पुरातात्विक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थल भोरमदेव मंदिर में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ शिवलिंग में 24 किलोग्राम चांदी के आभूषण चढ़ाए गए।

चांदी के आभूषण के निर्मित इस आकर्षक कवच को राजस्थान के विशेष कारीगर द्वारा तैयार किया गया है। 24 किलोग्राम वजन चांदी का यह विशेष कवच, भक्तों द्वारा मंदिर में दिए गए रत्न आभूषण के गुप्तदान व दान से एकत्र की गई राशि से तैयार की गई है। इस अवसर पर मंदिर परिसर के पास भंडार एवं पूजा गृह निर्माण का भूमिपूजन किया गया। इसके लिए 6 लाख रूपए स्वीकृत किए गए है।

भोरमदेव मंदिर की ख्याति को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए ऑनलाईन दर्शन की सुविधा का भी शुभारंभ किया गया। वन मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर ने अपने रायपुर स्थित शासकीय आवास से ऑनलाईन दर्शन कर इस सुविधा का विधिवत शुभांरभ किया।

शनिवार से भोरमदेव मंदिर का घर बैठे यूट्यूब के माध्यम से शिव जी के विशेष श्रृंगार व महाआरती का दर्शन कर सकेंगे। जिला प्रशासन व भोरमदेव प्रंबंधन तीर्थ कारिणी समिति द्वारा यह विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में बसंत पंचमी की बधाई देते इस कार्य को धार्मिक एवं जनआस्था के लिए विशेष महत्व का बताया।

अकबर ने कहा कि भोरमेदव मंदिर पूरे प्रदेश के लिए पुरातत्व, धार्मिक, जनआस्था के केन्द्र व पर्यटन के रूप में ऐतिहासिक महत्व का स्थल है। जिले में पर्यटन सुविधाओं को आने बढ़ाया जा रहा है। इसी दृष्टि से कवर्धा के नजदीक सरोधा से भोरमदेव मार्ग रामचुवा के आसपास करोडों रूपए की लागत से जंगल सफारी प्रस्तावित है। जंगल सफारी बनने से कबीरधाम जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए-नए अवसर तैयार होंगे।