नारद जयंती के उपलक्ष्य में अजमेर के 7 पत्रकार सम्मानित

7 journalists honored on Narada Jayanti ceremony 2018 in ajmer
7 journalists honored on Narada Jayanti ceremony 2018 in ajmer

अजमेर। समाज को सही दिशा प्रदान करने की पत्रकारिता ही असल पत्रकारिता होती है, कुछ भी लिख देने को पत्रकारिता नहीं कहा जा सकता। पत्रकारिता व्यापक दृष्टिकोण और अलग अलग नजरिए वाला कार्यक्षेत्र है। उक्त विचार भारतीय प्रेस परिषद के पूर्व सदस्य वरिष्ठ पत्रकार गुलाब बत्रा ने मंगलवार को नारद जयंती के उपलक्ष्य में स्वामी काॅम्प्लेक्स में विश्व संवाद केन्द्र अजयमेरु आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह एवं विचार गोष्ठी में व्यक्त किए।

मुख्य वक्ता के रूप में समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समय के साथ पत्रकारिता का विस्तार हुआ है, नए तौर तरीके और तकनीक ने इसे अधिक विस्तारित और व्यापक बना दिया है लेकिन तथ्यों की सत्यता पत्रकार और पत्रकारिता की जरूरत बनी हुई है। शॉर्ट कट का पत्रकारिता में कोई स्थान नहीं है।

उन्होंने कहा कि देवऋर्षि नारद बहुमुख प्रतिभा के धनी थे, सबकी बात सुनना उनका सबसे बडा गुण रहा। सदा अपडेट रहना उनकी खासियत थी जो पत्रकारिता जगत से जुडे सभी लोगों के लिए अनुकरणीय है। जिस तरह लोक कल्याण की भावना रखते हुए नारद समाचार लेने तथा उनका संप्रेषण करने का काम बिना लाग लपेट के करते थे ठीक वैसा ही समर्पण हर पत्रकार का होना चाहिए।

हाल ही में हुई कुछ घटनाओं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कठुआ प्रकरण को लेकर समाचार पत्रों ने जल्दबाजी दिखाई और बाद में तथ्य अगल तरह के निकले। इसी तरह दो अप्रेल को देशभर में जिस तरह अशांति का वातावरण बना उसमें मीडिया की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। सुप्रीम कोर्ट केे फैसले को लेकर सोशल मीडिया के जरिए भ्रांतियां फैली और इसका भयावह परिणाम सामने आया। इससे सामुदायिक सदभाव को झटका लगता है, जात पात की भावना को बल मिलता है। किसी भी तरह के अपराध या अपराधी को जाति और धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।

आज समाज को सही दिशा देने वाली पत्रकारिता की जरूरत है। प्रिंट, इलेक्ट्रानिक के बाद पत्रकारिता डिजीटल युग में प्रवेश कर चुकी है। पत्रकार इस बदलाव के साथ आगे बढ रहे हैं। सबका उद्देश्य सच सामने लाना है, पाठक के बीच विश्वसनीयता को बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यावसायिकता का दखल बढा है, मीडिया घरानों का नियंत्रण बढने का परिणाम है कि अब सामाचार भी प्रायोजित होने लगे हैं। पाठक छले जाने लगे हैं। इसी छलावे से बचाने, पाठक और पत्रकारों में जागृति के लिए विश्व संवाद केन्द्र अपनी सजग भूमिका निभा रहा है।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विजय श्रीमाली ने कहा कि नारद की पत्रकारिता को वर्तमान दौर में भी प्रासांगिक बताते हुए कहा कि जिस प्रकार सतयुग में नारद जी देवताओं के समक्ष सत्य का बखान करते थे ठीक उसी तरह आज के पत्रकारों को भी सत्य और तथ्यपरक खबरें लिखनी चाहिए।

इस बात की चिंता न करें की उस सच के लेखन से कोई नाराज होगा या वाहवाही मिलेगी। उन्होंने कहा कि व्यवसायिकता के इस दौर में पत्रकारिता करना सहज नहीं रहा। लेकिन मूल्य आ​धारित पत्रकारिता से समझौता नहीं किया जा सकता। ऐसे कई मौके देखे गए जब पत्रकारों ने उत्कृष्ट पत्रकारिता का परिचय दिया।

विश्व संवाद केन्द्र अजयमेरु के सचिव निरंजन शर्मा ने अजमेर केन्द्र की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ पत्रकार और केन्द्र के अध्यक्ष एसपी मित्तल ने डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया को वर्तमान पत्रकारिता में त्वरित समाचार संप्रेषण की विद्या बताया। उन्होंने पत्रकारों को इस विद्या में भी समय देने का आग्रह किया। समारोह का संचालन विवेक शर्मा ने किया।

इनको मिला सर्वश्रेष्ठ पत्रकार सम्मान

दैनिक भास्कर के अरविंद शर्मा
राजस्थान पत्रिका के युगलेश शर्मा
दैनिक नवज्योति के अमरकांत मिश्रा
ईटीवी भारत के प्रियांक शर्मा
मशाल पत्रिका की संपादक डॉ रशिका महर्षि
प्रेस फोटोग्राफर महेश नटराज
सरेराह टीवी से मनोज दाधीच