एप्स्टीन से संपर्क के खुलासे के बाद जॉर्डन में नॉर्वे की राजदूत जूल का इस्तीफा

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ओस्लो। नॉर्वे की जॉर्डन में राजदूत तथा इराक के लिए भी मान्यता प्राप्त मोना जूल ने अमरीकी यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन के साथ संपर्कों से जुड़े खुलासों के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ आइडे ने जूल के इस्तीफे को सही और आवश्यक बताते हुए कहा कि दोषसिद्ध यौन अपराधी के साथ उनका संपर्क गंभीर निर्णयात्मक चूक को दर्शाता है और इससे इस पद के लिए आवश्यक भरोसे के स्तर को बहाल करना कठिन हो गया था। मंत्रालय के अनुसार जूल को पिछले सप्ताह उनके कार्य दायित्वों से मुक्त कर दिया गया था, जबकि मंत्रालय उनके एप्स्टीन से संबंधों और संपर्कों की समीक्षा कर रहा था।

मंत्रालय ने कहा कि जूल के इस्तीफे के बाद भी आंतरिक जांच जारी रहेगी, जिसमें सेवा के दौरान और सेवा से बाहर राज्य कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर लागू नियमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंत्रालय ने यह भी बताया कि उसने उस अवधि के दौरान अंतरराष्ट्रीय शांति संस्थान को दिये गये अनुदानों और उससे हुए संपर्कों की समीक्षा शुरू की है, जब जूल के पति टेर्जे रोड-लार्सन इस संस्था के प्रमुख थे।

आइडे ने रोड-लार्सन के एप्स्टीन से संपर्कों से जुड़ी जानकारी को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि उन्होंने भी खराब निर्णय क्षमता का प्रदर्शन किया। उल्लेखनीय है कि एप्स्टीन पर नाबालिगों की यौन तस्करी के आरोप थे। अमेरिका के न्याय विभाग ने 30 जनवरी को कहा था कि उसने ‘एप्स्टीन फाइल्स पारदर्शिता अधिनियम’ के तहत 30 लाख से अधिक अतिरिक्त पृष्ठ प्रकाशित किए हैं, जिसे नवंबर 2025 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कानून का रूप दिया था।

इधर, नॉर्वे की आर्थिक और पर्यावरणीय अपराधों की जांच और अभियोजन एजेंसी ओकोक्रिम ने गुरुवार को कहा कि उसने एप्स्टीन फाइलों में मौजूद जानकारी के आधार पर पूर्व प्रधानमंत्री थोर्ब्योर्न यागलैंड के खिलाफ गंभीर भ्रष्टाचार के संदेह में जांच शुरू की है। यागलैंड इससे पहले नॉर्वेजियन नोबेल समिति के अध्यक्ष और काउंसिल ऑफ यूरोप के महासचिव जैसे पदों पर रह चुके हैं।