इस्लामाबाद। पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में रविवार को सुरक्षा कर्मियों और उनके परिवारों को ले जा रही एक शटल ट्रेन में हुए बम विस्फोट में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई तथा 100 से अधिक लोग घायल हो गए। प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और इसे आत्मघाती हमला बताया है।
पाकिस्तान के रेलवे मंत्रालय के अनुसार विस्फोट प्रांतीय राजधानी क्वेट्टा के निकट रेलवे ट्रैक के पास उस समय हुआ, जब ट्रेन कैंटोनमेंट क्षेत्र से लंबी दूरी की जाफर एक्सप्रेस से जुड़ने जा रही थी। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इंजन और तीन डिब्बे पटरी से उतर गए तथा दो डिब्बे पलट गए। इससे आसपास के क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ।
पाकिस्तान के समाचार पत्र ‘डॉन’ के अनुसार मृतकों में सुरक्षा कर्मियों के साथ आम नागरिक भी शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में आसपास की इमारतों में रहने वाले लोगों के भी विस्फोट से प्रभावित होने की बात कही गई है।
एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि विस्फोटकों से भरा उपकरण ट्रेन के एक डिब्बे से टकराया। विस्फोट की तीव्रता से आसपास खड़े वाहन और इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं तथा मलबा दूर-दूर तक फैल गया।
घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में जले हुए वाहन, क्षतिग्रस्त रेल डिब्बे, आसपास की इमारतों की टूटी खिड़कियां और मलबे के बीच राहत एवं बचाव कार्य करते दल दिखाई दे रहे हैं। क्षेत्र में धुएं का घना गुबार भी देखा गया।
स्थानीय मीडिया के अनुसार क्वेटा के सरकारी अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है तथा चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को ड्यूटी पर बने रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस घटना की निंदा करते हुए इसे ‘घृणित बम विस्फोट’ बताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पूरा देश बलूचिस्तान के लोगों के साथ खड़ा है।
ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से लगे बलूचिस्तान में लंबे समय से अलगाववादी विद्रोह जारी है। उग्रवादी समूह अक्सर सुरक्षा बलों, बुनियादी ढांचे और परिवहन नेटवर्क को निशाना बनाते रहे हैं। हाल के वर्षों में बढ़ती हिंसा के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने खनिज संपदा से समृद्ध इस प्रांत में आतंकवाद-रोधी अभियान तेज कर दिए हैं।



