बेंगलूरु। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री बीसी नागेश का बुधवार को यहां निधन हो गया। वह 67 वर्ष के थे और काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे।
लगभग एक वर्ष से मस्तिष्क के ट्यूमर से पीड़ित और दो सर्जरी करा चुके नागेश ने बेंगलूरु में अपनी बेटी के आवास पर अंतिम सांस ली। उनके परिवार में पत्नी वीणा, बेटी शारदा और बेटा विशदीपा हैं।
पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए बुधवार को बेंगलुरु स्थित राज्य भाजपा मुख्यालय में रखा जाएगा, जहां पार्टी नेता, कार्यकर्ता और आम जनता उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगी। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक स्थान तुमकुरु जिले के तिप्तूर ले जाया जाएगा, जहां गुरुवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।
नागेश ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया था और 1984 में भाजपा में शामिल होने से पहले वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे। वे पहली बार 2008 में तिप्तूर से कर्नाटक विधानसभा के लिए चुने गए थे और 2018 में दोबारा विधायक बने।
उन्होंने 2021 से 2023 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में प्राथमिक शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया। अपने कार्यकाल के दौरान, वे पाठ्यपुस्तकों के संशोधन, स्कूली वर्दी और मूल्य-आधारित शिक्षा से जुड़ी कई प्रमुख पहलों से जुड़े रहे। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और पूर्व केंद्रीय मंत्री भगवंत खूबा ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।



