कलबुरगी। कर्नाटक प्रशासनिक न्यायाधिकरण (केएटी) की कलबुरगी पीठ ने गुरुवार को यादगीर जिले के दो सरकारी स्कूल शिक्षकों के निलंबन पर रोक लगा दी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के जुलूस में भाग लेने के कारण निलंबित किए गए इन दोनों शिक्षकों को इससे बड़ी राहत मिली है। हुणसगी कस्बे के सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक गुरुराज जोशी और कुप्पी स्कूल के अन्नासाहेब देशमुख ने निलंबन के आदेश को केएटी के समक्ष चुनौती दी थी।
स्कूली शिक्षा विभाग ने 20 अगस्त को इन दोनों शिक्षकों को उन रिपोर्टों के बाद निलंबित कर दिया था, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने 10 अक्टूबर 2025 को हुणसगी में आयोजित आरएसएस के पथ संचलन में संगठन की गणवेश पहनकर हिस्सा लिया था।
उन पर सरकारी कर्मचारियों से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने और कर्तव्य में लापरवाही का आरोप लगाया गया था। शिक्षकों ने विभाग के नोटिस का जवाब देते हुए अपना पक्ष रखा कि यह जुलूस रविवार को कार्य समय के बाद आयोजित किया गया था। यह एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक सांस्कृतिक कार्यक्रम था।
विभाग ने यह तर्क देते हुए निलंबन की कार्रवाई आगे बढ़ाई और विभागीय जांच शुरू की कि सरकारी कर्मचारी राजनीति में शामिल संगठनों की गतिविधियों में भाग नहीं ले सकते। इस निलंबन से एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
इस कार्रवाई की विपक्ष तथा शिक्षकों के समर्थकों ने तीखी आलोचना की थी।
शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई करने के बाद, केएटी ने गुरुवार को निलंबन के आदेशों पर रोक लगा दी। इससे दोनों सरकारी कर्मचारियों को तत्काल राहत मिल गई।
न्यायाधिकरण का यह आदेश आरएसएस से जुड़ी गतिविधियों में सरकारी कर्मचारियों की भागीदारी और सेवा आचरण नियमों के लागू होने की सीमा को लेकर चल रही व्यापक बहस के बीच आया है।



