वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) अस्पताल के आईसीयू में भर्ती पद्मश्री डॉ. टीके लहरी (85) के साथ एक एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा कथित रूप से बदसलूकी और थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है। डॉ. लहरी के परिजनों ने बीएचयू के कुलपति समेत संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों से इसकी शिकायत की है।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरविंद पांडेय ने 29 अगस्त की रात आईसीयू में भर्ती डॉ. लहरी के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें थप्पड़ मारा। इस संबंध में परिजनों ने ई-मेल के माध्यम से बीएचयू के कुलपति, आईएमएस-बीएचयू के निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक से शिकायत की है।
डॉ. लहरी पिछले कई महीनों से बीएचयू अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। वह कार्डियोथोरेसिक विभाग में एमेरिटस प्रोफेसर हैं और सेवानिवृत्ति के बाद भी बीएचयू में अपनी सेवाएं देते रहे हैं।
मामले में डॉ. लहरी के साथ कथित मारपीट को लेकर अधिवक्ता दीपक राय कान्हा, निवर्तमान उपाध्यक्ष, सेंट्रल बार एसोसिएशन की ओर से लंका थाने में तहरीर देकर आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। सूत्रों के अनुसार मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया गया है। डॉ. लहरी के परिजन कोलकाता में रहते हैं।
हृदय रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक प्रो. ओम शंकर ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि यह कोई साधारण घटना नहीं है और इससे चिकित्सा जगत को अंदर तक झटका लगा है। उन्होंने कहा कि डॉ. लहरी सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवा भाव से बीएचयू में कार्य करते रहे और इसी भावना के कारण वह अपने परिवार से दूर रहे।
प्रो. ओम शंकर के अनुसार आरोपी डॉ. अरविंद पांडेय की ओर से एक व्हाट्सऐप ग्रुप में यह स्वीकार किया गया है कि साफ-सफाई के दौरान डॉ. लहरी की ओर से सहयोग नहीं किया जा रहा था और उन्हें जबरन उठाया-बैठाया गया। उन्होंने कहा कि डॉ. लहरी के चेहरे पर निशान भी है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।



