कानपुर। शहर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले की परतें खुलने के साथ नए सवाल भी सामने आ रहे हैं। पहले पुलिस के शक के घेरे में आई बहू शालू की गिरफ्तारी के बाद अब जांच की दिशा कारोबारी के बेटे सुब्रत की ओर भी मुड़ती दिखाई दे रही है। पुलिस को सुब्रत और हत्या के आरोपी विशाल गौतम उर्फ शुभम के बीच संपर्क के साक्ष्य मिले हैं। हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि फिलहाल सुब्रत को गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं और जांच जारी है।
कॉल डिटेल ने बढ़ाई जांच की पेचीदगी
पुलिस जांच में मोबाइल कॉल डिटेल महत्वपूर्ण कड़ी बनकर सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक शालू और सुब्रत, दोनों के कॉल रिकॉर्ड खंगाले गए हैं। इनमें हत्या के आरोप में पकड़े गए विशाल से संपर्क की जानकारी सामने आई है। इससे पहले सामने आई जानकारी के अनुसार हत्या से पहले के 21 दिनों में शालू और सुब्रत की ओर से विशाल के साथ बड़ी संख्या में फोन पर बातचीत हुई थी। कुछ रिपोर्टों में इस अवधि में करीब 330 कॉल का जिक्र किया गया है। पुलिस अब इन कॉल्स की टाइमिंग, अवधि और हत्या की तैयारी से उनके संभावित संबंध की जांच कर रही है।
शालू के खिलाफ सामने आईं कई अहम कड़ियां
विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस पहले ही उनकी बहू शालू को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में पुलिस के सामने शालू और विशाल के बीच लगातार संपर्क, सीसीटीवी फुटेज और सुरक्षा गार्ड के बयान जैसी कड़ियां सामने आई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक शालू और विशाल के बीच व्हाट्सऐप पर बातचीत भी हुई थी। जांच के दौरान कई डिलीट किए गए संदेश मिलने की बात सामने आई है। एक रिपोर्ट में ऐसे 49 डिलीटेड चैट संदेशों का उल्लेख किया गया है। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश से जुड़े निर्देश या बातचीत इन संदेशों में तो नहीं थी।
छह लाख रुपए की सुपारी का भी दावा
पुलिस की अब तक की जांच के मुताबिक विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर पर कारोबारी की हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि शालू ने हत्या के लिए विशाल को कथित तौर पर छह लाख रुपये की सुपारी दी थी। हत्या के पीछे घर-परिवार से जुड़े विवाद और ससुर की कथित पाबंदियों को भी जांच में एक संभावित कारण के रूप में सामने रखा गया है। हालांकि, पुलिस की जांच अभी इन तमाम कड़ियों को जोड़ने में लगी है। अदालत में आरोपों की अंतिम पुष्टि साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
सुब्रत को लेकर पुलिस का रुख अभी सावधानी वाला
सुब्रत का नाम जांच के दायरे में आने के बावजूद पुलिस ने फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी विशाल ने शालू की भूमिका को लेकर बयान दिया है, जबकि सुब्रत के खिलाफ अभी ऐसा कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है जिसे अकेले गिरफ्तारी का आधार बनाया जा सके। सुरक्षा गार्ड के बयान में भी सुब्रत की भूमिका को लेकर कोई निर्णायक बात सामने नहीं आई है।
यही वजह है कि पुलिस सुब्रत को न तो गिरफ्तार कर रही है और न ही फिलहाल उन्हें पूरी तरह क्लीन चिट दे रही है। जांच अधिकारी कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, आरोपियों के बयानों और घटनाक्रम के समय की गतिविधियों को आपस में मिलाकर देख रहे हैं।
हत्या से पहले की गतिविधियां भी जांच के केंद्र में
विनीत मिनोचा की हत्या के बाद शुरुआती तौर पर पुलिस के सामने घटना की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण थीं। परिवार के सदस्य एक पार्टी में गए थे और कारोबारी घर में अकेले थे। इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई। रिपोर्टों के मुताबिक उनके शरीर पर चाकू से कई वार किए गए थे। बाद में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से मामले की जांच आगे बढ़ाई।
अब जांच का सबसे अहम सवाल यह है कि हत्या की साजिश में शालू की भूमिका तक पहुंचने के बाद क्या सुब्रत भी किसी स्तर पर इससे जुड़े थे या विशाल से उनका संपर्क किसी अन्य वजह से था। पुलिस इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए उपलब्ध डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ रही है।
फिलहाल पुलिस के सामने चुनौती यह है कि संदेह और संपर्क के साक्ष्यों को ऐसे ठोस सबूतों में बदला जाए, जो सुब्रत की वास्तविक भूमिका को स्पष्ट कर सकें। आने वाले दिनों में कॉल डिटेल, डिजिटल चैट, सीसीटीवी और आरोपियों के बयानों से इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।



