यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव, पूर्व IAS राकेश वर्मा और अभिनेत्री जारा खान ने थामा हाथ

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच कांग्रेस ने अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. राकेश वर्मा और दक्षिण भारतीय फिल्मों से जुड़ी अभिनेत्री जारा खान को पार्टी में शामिल किया है। लखनऊ में आयोजित कांग्रेस के ज्वाइनिंग कार्यक्रम में दोनों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम को आगामी चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी लगातार विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। ऐसे में प्रशासनिक पृष्ठभूमि वाले पूर्व आईएएस अधिकारी और फिल्म जगत से जुड़ी अभिनेत्री का कांग्रेस में आना पार्टी के लिए राजनीतिक और सामाजिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पूर्व IAS राकेश वर्मा की राजनीति में नई पारी

डॉ. राकेश वर्मा प्रशासनिक सेवा में रहने के बाद अब सक्रिय राजनीति में अपनी भूमिका तलाश रहे हैं। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने शिक्षा, प्रशासन और संविधान से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्राथमिकताओं का संकेत दिया। इससे पहले उनके राजनीतिक रूप से अन्य विकल्पों के साथ जुड़ने की चर्चा भी रही है।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद राकेश वर्मा ने पार्टी नेतृत्व और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की कार्यशैली से प्रभावित होने की बात कही। उनके कांग्रेस में आने को पार्टी के लिए इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उनका प्रशासनिक अनुभव चुनावी राजनीति में कांग्रेस के लिए उपयोगी हो सकता है।

जारा खान भी कांग्रेस के साथ

दक्षिण भारतीय फिल्म जगत से जुड़ी अभिनेत्री जारा खान ने भी कांग्रेस का हाथ थामा है। फिल्म और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी उनकी पहचान को देखते हुए पार्टी में उनके शामिल होने को भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। राजनीतिक दल चुनावों से पहले समाज के अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए जाने-पहचाने चेहरों को संगठन से जोड़ते रहे हैं। जारा खान का कांग्रेस में शामिल होना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राजनीतिक राज्य है और यहां होने वाला विधानसभा चुनाव राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डालता है। कांग्रेस लंबे समय से प्रदेश में अपने संगठन को मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को पार्टी से जोड़ना कांग्रेस की इसी रणनीति का हिस्सा दिखाई दे रहा है। हालांकि नए चेहरों को पार्टी किस तरह चुनावी मैदान में इस्तेमाल करती है और उन्हें संगठन में क्या जिम्मेदारी दी जाती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।