छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए, सिस्टम में अंधभक्त नहीं निडर युवा चाहिए : राहुल गांधी

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इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए शिक्षा व्यवस्था पर निशाना 
इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि छात्रों को सवाल पूछने का अधिकार है और उनकी आवाज सुनी जानी चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था सवाल करने वाले युवाओं के बजाय बिना सवाल किए समर्थन करने वालों को पसंद करती है।

राजीव गांधी सर्किल के निकट भारत जोड़ो मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जहां हर विद्यार्थी को अच्छी शिक्षा मिले, उसे अपने भविष्य को लेकर भरोसा हो और वह बिना किसी डर के अपनी बात रख सके।

पेपर लीक और भर्ती में देरी पर छात्रों ने रखी बात

कार्यक्रम में विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने पेपर लीक, सरकारी भर्तियों में देरी, परीक्षा परिणाम लंबित रहने और रोजगार के अवसरों से जुड़े सवाल उठाए। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की समस्याएं भी चर्चा में आईं।

राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार का नुकसान मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को उठाना पड़ता है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया।

शिक्षा के अधिकार और बजट का मुद्दा उठाया

राहुल गांधी ने शिक्षा को प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां शिक्षा के अधिकार को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, विद्यार्थियों के लिए अवसर बढ़ाने और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम में छात्रवृत्ति और शिक्षा के लिए उपलब्ध संसाधनों का विषय भी उठा। राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था में असमानता और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सरकार की आलोचना की।

शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के आंदोलन में शामिल होने की पेशकश

कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन का भी जिक्र हुआ। राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में उनके आंदोलन में शामिल होने की पेशकश की। उन्होंने कहा कि युवाओं के सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ रहा कार्यक्रम का केंद्र

‘छात्रों की गूंज’ अभियान के इस पांचवें आयोजन का मुख्य विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ रहा। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने युवाओं से उनके सपनों, शिक्षा व्यवस्था में आने वाली बाधाओं और रोजगार से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि देश के भविष्य के निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका अहम है। एक मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है कि युवा सवाल पूछ सकें और उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाए।