नेपाल में भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन का कहर: 21 लोगों की मौत, 1500 से अधिक विस्थापित

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काठमांडू। नेपाल के पश्चिमी और दक्षिण-मध्य भागों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण आयी भीषण बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की घटनाओं में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई है।

इस प्राकृतिक आपदा से 1,500 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं और सैकड़ों मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। आपदा के कारण हुई मौतें मुख्य रूप से बागलुंग, पाल्पा, म्याग्दी और धनुषा जिलों में दर्ज की गई हैं। गंडकी प्रांत पुलिस कार्यालय से प्राप्त प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, केवल गंडकी प्रांत में ही बारिश से जुड़ी घटनाओं में 11 लोगों की मौत हुई है, चार लोग घायल हुए हैं और चार अन्य लापता बताए जा रहे हैं।

बाढ़, भूस्खलन और जलभराव का सबसे गंभीर असर बागलुंग, पर्वत, मनांग, नवलपरासी पूर्व, चितवन, पाल्पा और धनुषा जिलों में देखा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, 747 परिवारों के कम से कम 1,500 लोग विस्थापित हुए हैं। कुल 179 मकान पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं, 26 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है और 270 अन्य घर अत्यधिक जोखिम में हैं। गंडकी प्रांत पुलिस कार्यालय के सूचना अधिकारी कृष्ण प्रसाद कोइराला ने बताया कि नुकसान का विस्तृत ब्योरा अभी भी जुटाया जा रहा है।

आपदा के कारण 12 मवेशी शेड पूरी तरह तबाह हो गए हैं और 44 मवेशियों की मौत हो चुकी है। बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिसमें छह पुल पूरी तरह नष्ट हो गये हैं और दो को आंशिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा तीन सरकारी कार्यालय पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, तीन को नुकसान पहुंचा है और नौ अन्य भवन खतरे की जद में हैं। बाढ़ और भूस्खलन के चलते कई इलाकों में सड़क और परिवहन सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं।

‘द काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार गंडकी प्रांत में सबसे अधिक तबाही बागलुंग जिले में हुई है, जहां 10 लोगों की मौत हुई है और एक व्यक्ति लापता है। जिले में 23 घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं, 23 मवेशियों की मौत हुई है और 26 परिवारों के 80 लोग बेघर हो गए हैं।

पर्वत जिले में कालीगंडकी नदी के तटवर्ती इलाकों में बड़े पैमाने पर तबाही देखने को मिली है। नदी में आई बाढ़ ने 106 मकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है, जबकि 162 परिवारों के 540 लोग विस्थापित हुए हैं। कालीगंडकी नदी के उफान से मध्य-पहाड़ी राजमार्ग पर पर्वत और बागलुंग को जोड़ने वाला मालढुंगा पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है।

जलजला ग्रामीण नगरपालिका के फर्से क्षेत्र में बस्तियां जलमग्न होने के बाद लगभग 80 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। नवलपरासी पूर्व में निचले इलाकों में पानी भरने से 15 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये हैं और 162 परिवारों के 613 लोग विस्थापित हुए हैं। स्यांगजा जिले में 13 घर नष्ट हुए हैं और गुल्मी और स्यांगजा को जोड़ने वाला बेली ब्रिज बाढ़ के पानी में बह गया है।

तनहुं जिले में एक व्यक्ति घायल हुआ है और 10 घर तबाह हो गए हैं। लमजुंग में दो लोग घायल हुए हैं, जबकि कास्की और गोरखा जिलों से भी मकानों, पुलों और सरकारी संपत्तियों के नुकसान तथा परिवारों के विस्थापित होने की रिपोर्ट मिली है। म्याग्दी जिले में एक व्यक्ति की मौत हुई है, एक घायल है और तीन लोग लापता हैं।

अन्नपूर्णा ग्रामीण नगरपालिका के अध्यक्ष भरत कुमार पुन के अनुसार बेनी-जोमसोम मार्ग पर पोखरेबगर में कालीगंडकी नदी ने एक पुल को क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे मुस्तांग और म्याग्दी की कई स्थानीय इकाइयों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। मुस्तांग में भी पशुधन और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की सूचना है।