आइची-नागोया। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला एथलीटों ने ट्रैक पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को एथलेटिक्स का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। किरण पहल, मचेत्तिरा राजू पूवम्मा, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज की भारतीय चौकड़ी ने महिलाओं की 4×400 मीटर रिले के फाइनल में दमदार दौड़ लगाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
भारतीय टीम ने फाइनल में 3 मिनट 29.69 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया। भारतीय धावकों ने शुरुआत से ही पदक की दौड़ में खुद को बनाए रखा और अंतिम चरण में बढ़त बरकरार रखते हुए स्वर्ण पदक सुनिश्चित किया।
भारत को कड़ी चुनौती देने वाली बहरीन की टीम 3 मिनट 30.21 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रही और उसे रजत पदक मिला। चीन ने 3 मिनट 31.02 सेकंड में रेस पूरी कर कांस्य पदक हासिल किया। भारत और बहरीन के बीच महज 0.52 सेकंड का अंतर रहा।
इस जीत की खास बात यह रही कि आइची-नागोया एशियन गेम्स में भारत को एथलेटिक्स स्पर्धाओं में मिला यह पहला स्वर्ण पदक है। इसके साथ ही भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने इस स्पर्धा में देश की मजबूत परंपरा को भी आगे बढ़ाया। भारत इससे पहले 2002, 2010 और 2014 के एशियन गेम्स में भी महिलाओं की 4×400 मीटर रिले का स्वर्ण पदक जीत चुका है।
विथ्या रामराज के लिए मौजूदा एशियन गेम्स विशेष उपलब्धियों वाला रहा है। इससे एक दिन पहले उन्होंने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में 54.75 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीतने के साथ पीटी उषा का करीब चार दशक पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ा था।
महिला रिले टीम के स्वर्ण से पहले भारत ने मिश्रित 4×400 मीटर रिले में भी रजत पदक हासिल किया था। उस टीम में पूवम्मा और विथ्या रामराज के साथ विशाल थेन्नारासु और मनु टीएस शामिल थे। भारतीय टीम ने 3 मिनट 14.46 सेकंड का समय निकाला था, जबकि बहरीन ने गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीता था। महिलाओं की 4×400 मीटर रिले में मिली इस जीत ने आइची-नागोया में भारत के एथलेटिक्स अभियान में स्वर्ण पदक का इंतजार खत्म कर दिया।



