कोलकाता। दुर्गा पूजा से पहले पार्टी के जरूरी खर्चों के लिए धन जारी कराने की कोशिश कर रहे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट को कलकत्ता हाईकोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली। अदालत ने पार्टी की उस अर्जी पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें बैंक खातों से आवश्यक खर्चों के लिए राशि उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि मामले की सुनवाई पूजा अवकाश के बाद सामान्य प्रक्रिया के तहत की जाएगी। पार्टी की ओर से तत्काल सुनवाई की मांग ऐसे समय की गई थी, जब कर्मचारियों के लंबित वेतन, कार्यालय का किराया और अन्य नियमित खर्चों के लिए धन की आवश्यकता बताई गई है।
स्पेशल ऑफिसर के फैसले से बढ़ी मुश्किल
ममता गुट के अनुसार, अदालत द्वारा नियुक्त स्पेशल ऑफिसर से पार्टी के जरूरी खर्चों के लिए राशि जारी करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन यह अनुमति नहीं मिली। इस व्यवस्था की निगरानी सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार की अध्यक्षता वाली प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
इससे पहले जुलाई में हाईकोर्ट ने पार्टी के बैंक खातों के संचालन पर शर्तों के साथ सीमित राहत दी थी। अदालत ने रोजमर्रा के संगठनात्मक कामकाज और कर्मचारियों के भुगतान जैसे जरूरी खर्चों के लिए विशेष अधिकारी की निगरानी में राशि जारी करने की व्यवस्था की थी।
पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर भी विवाद
टीएमसी के बैंक खातों का विवाद पार्टी के अंदर चल रहे संगठनात्मक संघर्ष और चुनाव आयोग के हालिया आदेश से भी जुड़ा हुआ है। सितंबर में चुनाव आयोग ने अंतरिम व्यवस्था के तहत दोनों गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और मूल चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी थी। इस आदेश के प्रभाव को लेकर भी अदालत में सवाल उठे हैं।
इससे पहले 1 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी गुट की बैंक खातों को संचालित करने संबंधी याचिका में तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया था और मामले पर कलकत्ता हाईकोर्ट को शीघ्र सुनवाई करने का अनुरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई निष्कर्ष नहीं दिया था।
अब कलकत्ता हाईकोर्ट में पूजा अवकाश के बाद होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी। फिलहाल तत्काल फंड जारी कराने की मांग पर सुनवाई टलने से ममता गुट के सामने त्योहार से पहले पार्टी के नियमित खर्चों को लेकर चुनौती बनी हुई है।



