कोलकाता। अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल सरकार में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग का सांस्कृतिक सलाहकार नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि उन्हें इस पद पर कैबिनेट मंत्री के बराबर का दर्जा दिया गया है।
राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक मिथुन चक्रवर्ती की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों का विभाग राज्य में कला, संस्कृति, फिल्म, मनोरंजन और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े मामलों को देखता है।
सिनेमा और संस्कृति से जुड़े मामलों में देंगे सलाह
मिथुन चक्रवर्ती का भारतीय सिनेमा में लंबा और समृद्ध अनुभव रहा है। हिंदी और बंगाली फिल्मों में उन्होंने कई यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। ऐसे में सरकार की ओर से उन्हें सांस्कृतिक मामलों से जुड़े विभाग में सलाहकार की जिम्मेदारी दिया जाना उनके फिल्म और कला क्षेत्र के अनुभव से जोड़कर देखा जा रहा है।
नई जिम्मेदारी के तहत वह राज्य में फिल्म, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े विषयों पर सरकार को सलाह दे सकते हैं। हालांकि उनके अधिकार क्षेत्र और जिम्मेदारियों का विस्तृत स्वरूप आगे स्पष्ट किया जा सकता है।
पांच दशक से ज्यादा लंबा फिल्मी सफर
मिथुन चक्रवर्ती ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1970 के दशक में की थी। अपनी अलग अभिनय शैली और डांस के कारण उन्होंने जल्द ही दर्शकों के बीच खास पहचान बना ली। ‘मृगया’, ‘डिस्को डांसर’, ‘डांस डांस’, ‘अग्निपथ’ समेत कई फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने पसंद किया।
‘डिस्को डांसर’ की सफलता ने उन्हें देशभर में लोकप्रिय बना दिया। इसके बाद वह हिंदी सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में शामिल हो गए। बंगाली सिनेमा में भी उनका योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा है।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से लेकर पद्म भूषण तक सम्मान
मिथुन चक्रवर्ती को अभिनय के लिए तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है। सिनेमा में उनके लंबे योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2024 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया।
इसी वर्ष उन्हें भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मानों में शामिल दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारतीय सिनेमा में उनके दशकों लंबे योगदान को मान्यता देता है।
नई भूमिका में बढ़ेगी जिम्मेदारी
फिल्म और मनोरंजन जगत से लंबे समय से जुड़े मिथुन चक्रवर्ती के लिए यह नई जिम्मेदारी सांस्कृतिक क्षेत्र में उनकी भूमिका को और व्यापक करती है। अब उनकी सलाह राज्य की कला, फिल्म और सांस्कृतिक नीतियों से जुड़े मामलों में किस तरह इस्तेमाल की जाती है, इस पर नजर रहेगी। कैबिनेट मंत्री के बराबर दर्जे के साथ मिली यह जिम्मेदारी उनके सार्वजनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण नया दायित्व है।



