कोलंबो। श्रीलंका क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव सामने आया है। ऑलराउंडर धनंजय डी सिल्वा ने टेस्ट टीम की कप्तानी तत्काल प्रभाव से छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड की चयन समिति को भेजे पत्र में कहा कि अब कप्तानी की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है। हालांकि, डी सिल्वा ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह बतौर खिलाड़ी टीम के चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे।
35 वर्षीय डी सिल्वा ने वर्ष 2024 में दिमुथ करुणारत्ने के संन्यास के बाद श्रीलंका की टेस्ट टीम की कमान संभाली थी। करीब दो साल के कप्तानी कार्यकाल में उन्होंने टीम को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाईं। अब उनके अचानक कप्तानी छोड़ने के फैसले के बाद श्रीलंका क्रिकेट में नए टेस्ट कप्तान को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। बोर्ड ने अभी तक उनके उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा नहीं की है।
18 टेस्ट में संभाली टीम की कमान
धनंजय डी सिल्वा ने 2024 से 2026 के बीच श्रीलंका के लिए 18 टेस्ट मैचों में कप्तानी की। इनमें टीम ने सात मुकाबलों में जीत हासिल की, आठ में हार का सामना किया, जबकि तीन टेस्ट ड्रॉ रहे। कप्तानी के दौरान उन्होंने बल्लेबाजी में भी अहम योगदान दिया और कई मौकों पर टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला।
कप्तान के रूप में डी सिल्वा ने अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज, बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू और विदेशी सीरीज तथा न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में श्रीलंका को जीत दिलाई।
बांग्लादेश के खिलाफ सिलहट में खेले गए टेस्ट में उन्होंने कप्तानी की शुरुआत के शुरुआती दौर में ही दोनों पारियों में शतक लगाए थे। इस मुकाबले में श्रीलंका ने 328 रन से बड़ी जीत दर्ज की थी। कप्तान के तौर पर डी सिल्वा ने कुल चार शतक लगाए और इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 36.45 रहा।
‘अगली पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपना चाहता हूं’
कप्तानी छोड़ने के अपने फैसले को लेकर डी सिल्वा ने कहा कि उनका मानना है कि अब नेतृत्व की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाने का समय है। उनका फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
उनके इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि वह टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले रहे हैं। डी सिल्वा ने साफ किया है कि वह खिलाड़ी के तौर पर श्रीलंका के लिए उपलब्ध रहेंगे। ऐसे में टीम को उनके अनुभव का लाभ बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में मिलता रहेगा।
श्रीलंका क्रिकेट ने जताया आभार
श्रीलंका क्रिकेट के सीईओ एश्ले डी सिल्वा ने धनंजय की कप्तानी और टीम के लिए उनके योगदान की सराहना की। बोर्ड ने उनके नेतृत्व के लिए धन्यवाद देते हुए उनके आगे के क्रिकेट करियर के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
पाकिस्तान दौरे से पहले कप्तानी का बदलाव
श्रीलंका के लिए कप्तानी में यह बदलाव आगामी पाकिस्तान दौरे से पहले हुआ है। दोनों देशों के बीच टेस्ट सीरीज नवंबर में खेली जानी है। पहला टेस्ट 9 नवंबर को रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में शुरू होगा। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार इसके बाद दोनों टीमें टेस्ट मुकाबलों की सीरीज खेलेंगी।
इससे पहले श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच टी20 मुकाबले अक्टूबर में खेले जाएंगे। इसके बाद वनडे त्रिकोणीय सीरीज का कार्यक्रम है और फिर नवंबर में टेस्ट सीरीज होगी।
नए कप्तान के सामने होगी बड़ी चुनौती
डी सिल्वा के हटने के बाद श्रीलंका क्रिकेट चयनकर्ताओं के सामने सबसे पहली चुनौती नए टेस्ट कप्तान का चयन होगी। टीम को न केवल पाकिस्तान के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए नेतृत्व तैयार करना है, बल्कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र में भी आगे की रणनीति बनानी होगी।
डी सिल्वा के नेतृत्व में टीम ने कुछ महत्वपूर्ण सीरीज जीत हासिल कीं, लेकिन प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखना श्रीलंका के लिए चुनौती रहा। ऐसे में नए कप्तान के चयन के साथ टीम प्रबंधन के सामने युवा खिलाड़ियों को अवसर देने और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच संतुलन बनाए रखने की जिम्मेदारी भी होगी।
खिलाड़ी के तौर पर जारी रहेगा सफर
कप्तानी छोड़ने के बावजूद धनंजय डी सिल्वा का श्रीलंका के टेस्ट अभियान में योगदान समाप्त नहीं होगा। वह एक अनुभवी बल्लेबाज और उपयोगी ऑफ-स्पिन गेंदबाज हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उन्होंने श्रीलंका के लिए 69 टेस्ट खेले हैं, जिनमें 4,431 रन बनाए हैं और 13 शतक दर्ज हैं। गेंदबाजी में उनके नाम 43 टेस्ट विकेट हैं।
इसलिए कप्तानी से हटने के बाद भी टीम में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रह सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड टेस्ट टीम की कमान किस खिलाड़ी को सौंपता है और नए कप्तान के नेतृत्व में टीम पाकिस्तान के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में किस रणनीति के साथ मैदान में उतरती है।



