नोबेल शांति पुरस्कार पर ट्रंप का दावा, बोले- 8 युद्ध खत्म कराने में निभाई भूमिका

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नॉर्वे की नोबेल समिति को लेकर ट्रंप ने कहा- मुझे सम्मान नहीं मिला तो यह उसके लिए बड़ा अपमान होगा
वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर अपनी दावेदारी पेश की है। इस वर्ष के नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा से ठीक पहले ट्रंप ने दावा किया कि उनके नेतृत्व और प्रयासों से आठ युद्धों को समाप्त कराने या उनके समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसे काम किए हैं, जो उनसे पहले किसी अन्य राष्ट्रपति ने नहीं किए।

ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने अपने शांति प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं कर रहे, बल्कि तथ्यों की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में संघर्षों को समाप्त करने के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और इसी आधार पर उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार माना जाना चाहिए।

‘मैं डींग नहीं मार रहा, सिर्फ तथ्य बता रहा हूं’

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ऐसे काम किए हैं जो पहले किसी ने नहीं किए। उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि वह अपनी उपलब्धियों की डींग नहीं मार रहे हैं, बल्कि जो हुआ है उसे सामने रख रहे हैं।

ट्रंप लंबे समय से यह कहते रहे हैं कि उनके प्रशासन ने कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को रोकने और युद्धों को समाप्त कराने में भूमिका निभाई है। वह इन प्रयासों को अपनी विदेश नीति की बड़ी उपलब्धियों के रूप में पेश करते रहे हैं।

नोबेल समिति पर भी साधा निशाना

नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपनी उम्मीदवारी को लेकर ट्रंप ने नॉर्वे की नोबेल समिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि समिति उन्हें पुरस्कार नहीं देती है तो यह उनके लिए नहीं, बल्कि नोबेल समिति के लिए बड़ा अपमान होगा।

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा होने वाली है। पुरस्कार को लेकर उनकी दावेदारी पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है।

शांति प्रयासों को उपलब्धि के रूप में पेश कर रहे ट्रंप

अमरीकी राष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल की विदेश नीति को लेकर लगातार यह दावा किया है कि उन्होंने सैन्य टकराव को बढ़ाने के बजाय बातचीत और दबाव के माध्यम से विभिन्न संघर्षों को खत्म कराने की कोशिश की। उनके समर्थक इन प्रयासों को ट्रंप की ‘शांति नीति’ का उदाहरण बताते हैं, जबकि उनके आलोचक कुछ संघर्षों के समाधान को लेकर उनके दावों की व्यापकता और स्थायित्व पर सवाल उठाते रहे हैं।

ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में अपने पक्ष को दोहराते हुए कहा कि यदि उनके प्रयासों को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए पर्याप्त नहीं माना जाता है तो यह पुरस्कार देने वाली समिति के निर्णय पर सवाल खड़े करेगा।

शुक्रवार को होगी पुरस्कार की घोषणा

इस वर्ष के नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा शुक्रवार को की जानी है। पुरस्कार के लिए दुनिया भर से कई व्यक्तियों और संगठनों के नाम चर्चा में हैं। ऐसे में ट्रंप का ताजा बयान पुरस्कार की घोषणा से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। अब निगाहें नोबेल समिति के फैसले पर हैं कि वह इस वर्ष शांति पुरस्कार के लिए किसे चुनती है और ट्रंप की ओर से किए जा रहे दावों को लेकर उसका रुख क्या रहता है।