मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जांच के दौरान राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को उस समय पकड़ा गया, जब वे ट्रेन से मुंबई से दिल्ली की ओर जा रहे थे। पुलिस अब हमले के पीछे की साजिश, कथित गैंग कनेक्शन और फायरिंग के लिए आरोपियों को तैयार करने वाले लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार मुंबई में रविवार शाम टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर गोलीबारी की गई थी। टाइगर श्रॉफ इस हमले में सुरक्षित रहे, जबकि उनके चालक और एक राहगीर को गोली लगने से चोटें आई थीं। घटना के बाद हमलावर मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए और बाद में ट्रेन के जरिए मुंबई से बाहर निकलने की कोशिश की।
कोटा रेलवे स्टेशन पर दबोचे गए तीनों संदिग्ध
मुंबई पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर राजस्थान पुलिस, कोटा सिटी पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीनों संदिग्धों को कोटा रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से पकड़ा। पुलिस ने उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रेलवे कॉलोनी स्थित पुलिस थाने में रखा। बाद में मुंबई पुलिस की टीम ने उनसे पूछताछ की और उन्हें मुंबई ले जाने की प्रक्रिया शुरू की।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक गिरफ्तार संदिग्धों में हरियाणा के फुल सिंह और रेहान तथा बिहार के रहने वाले ऋतिक कुमार उर्फ रोशन का नाम सामने आया है। ऋतिक के मुंबई में रहने और रैपिडो राइडर के रूप में काम करने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। हालांकि आरोपियों की भूमिका और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की विस्तृत पुष्टि पुलिस की आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया में होगी।
विदेश में नौकरी और पैसे का लालच देने का एंगल
जांच में पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि क्या आरोपियों को फायरिंग के लिए पैसे के साथ विदेश में नौकरी और वहां बसाने का लालच दिया गया था। रिपोर्टों के अनुसार आरोपियों को कथित तौर पर अच्छी रकम तथा विदेश में सेटल होने में मदद का भरोसा दिया गया था। एक रिपोर्ट में हमले के लिए करीब 50 हजार रुपए अग्रिम दिए जाने की बात भी सामने आई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमले की योजना किसने बनाई, आरोपियों से किस माध्यम से संपर्क किया गया और इसके पीछे किसी संगठित आपराधिक नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं। कैलिफोर्निया से कथित ‘कॉन्ट्रैक्ट’ या सुपारी से जुड़े एंगल की भी जांच की जा रही है। अभी इस संबंध में पुलिस की अंतिम पुष्टि सामने नहीं आई है।
हमले से पहले की गई थी रेकी
जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ के आने-जाने और फुटबॉल खेलने के समय की जानकारी जुटाई थी। सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल की जांच के आधार पर पुलिस को संदेह है कि आरोपी घटना से करीब एक सप्ताह पहले भी जुहू के उसी फुटबॉल ग्राउंड के आसपास पहुंचे थे। उस दिन टाइगर वहां नहीं आए, जिसके कारण कथित तौर पर हमला नहीं हो सका।
रविवार को आरोपी काफी देर तक मौके के आसपास मौजूद रहे और टाइगर के बाहर निकलने का इंतजार किया। इसके बाद उनकी कार पर फायरिंग की गई। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच कर रही है।
बिश्नोई गैंग से कथित कनेक्शन की भी जांच
फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा करने वाला एक संदेश सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद जांच का एक महत्वपूर्ण एंगल कथित लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ गया है। हालांकि पुलिस इस दावे और आरोपियों के किसी गैंग से वास्तविक संबंध की पुष्टि करने के लिए जांच कर रही है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उन्हें किसने निर्देश दिए थे और हमले का वास्तविक मकसद क्या था। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों के साथ और कौन लोग जुड़े हुए थे।
एक सप्ताह पहले भी पहुंचे थे हमलावर
पुलिस जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार तीनों संदिग्ध 11 अक्टूबर को भी जुहू के उस फुटबॉल मैदान के आसपास देखे गए थे। इससे जांचकर्ताओं को आशंका है कि हमले की तैयारी पहले से की जा रही थी और टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
फिलहाल मुंबई पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी को मामले में महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है। पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फायरिंग के पीछे किसका हाथ था और अभिनेता को निशाना बनाने की साजिश कितनी पहले तैयार की गई थी।



