कोच्चि। केरल के एर्नाकुलम जिले में रविवार तड़के एक लग्जरी मर्सिडीज-बेंज कार की टक्कर से स्कूटर सवार की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, कार कथित तौर पर एक 17 वर्षीय किशोर चला रहा था, जो एक न्यायिक अधिकारी का बेटा है। हादसे के बाद पुलिस ने किशोर को हिरासत में लेकर मामला दर्ज किया है। मृतक की पहचान जयाबालकृष्णन के रूप में हुई है, जो अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे।
तड़के 2.20 बजे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार दुर्घटना रविवार तड़के करीब 2.20 बजे चेरानल्लूर क्षेत्र में कंटेनर रोड पर मारापरम्बु स्थित फोर्ड शोरूम के पास हुई। किशोर वल्लारपदम से कलामासेरी की ओर जा रहा था। इसी दौरान उसकी कार उसी दिशा में जा रहे जयाबालकृष्णन के स्कूटर से टकरा गई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि स्कूटर सवार की जान नहीं बच सकी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मर्सिडीज-बेंज कार न्यायिक अधिकारी के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस का कहना है कि किशोर कथित तौर पर अपने माता-पिता की जानकारी के बिना कार लेकर निकला था और हादसे के समय वाहन में अकेला था।
मृतक के परिजनों ने उठाए सवाल
हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने दुर्घटना की परिस्थितियों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। मृतक की रिश्तेदार जयालक्ष्मी ने आरोप लगाया कि किशोर के पिता दुर्घटना के बाद पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि नाबालिग के वाहन चलाने पर सवाल उठाने पर न्यायिक अधिकारी ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद कार को घटनास्थल से तुरंत हटा दिया गया, जिससे साक्ष्यों को लेकर संदेह पैदा हुआ। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
लापरवाही से मौत और खतरनाक ड्राइविंग का मामला दर्ज
चेरानल्लूर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) और 281 के तहत मामला दर्ज किया है। ये प्रावधान लापरवाही से मौत होने और सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाने से संबंधित हैं।
पुलिस दुर्घटना के कारणों, उपलब्ध साक्ष्यों और वाहन मालिक की जिम्मेदारी की जांच कर रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, किशोर के रक्त के नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं। शुरुआती पुलिस जानकारी में उसके नशे में होने के संकेत नहीं मिलने की बात कही गई है, हालांकि जांच रिपोर्ट के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।
नाबालिग के वाहन चलाने पर अभिभावक भी हो सकते हैं जिम्मेदार
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के तहत नाबालिग द्वारा वाहन संबंधी अपराध किए जाने पर कुछ परिस्थितियों में उसके अभिभावक या वाहन मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रावधान में अधिकतम तीन साल तक की कैद और 25 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि, कानून में निर्धारित अपवादों और शर्तों के आधार पर जिम्मेदारी तय होती है।
इस मामले में भी जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह होगा कि किशोर को वाहन कैसे मिला, क्या उसे वाहन चलाने की अनुमति थी और दुर्घटना के लिए किसकी कानूनी जिम्मेदारी बनती है। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के बाद ही इन सवालों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



