राजस्थान में 4 जनवरी को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, 12 नवंबर से दावे-आपत्तियों का मौका

1

जयपुर। राजस्थान में मतदाता सूचियों को अपडेट करने के लिए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 (SSR) की प्रक्रिया नवंबर से शुरू होगी। भारत निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि मानते हुए पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी किया है। इसके तहत प्रदेश में प्रारूप मतदाता सूची 12 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी, जबकि दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 11 दिसंबर तक का समय मिलेगा। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप पुनरीक्षण की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम के तहत मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण एवं पुनर्गठन का काम भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाना है। प्राप्त दावे और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा।

नए मतदाताओं को मिलेगा नाम जुड़वाने का अवसर

SSR-2027 के दौरान 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र युवा मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकेंगे। इसके अलावा जो युवा 1 अप्रैल, 1 जुलाई या 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करेंगे, उनके लिए भी अग्रिम आवेदन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसका उद्देश्य पहली बार मतदान के योग्य होने वाले युवाओं को समय रहते मतदाता सूची से जोड़ना है।

पुनरीक्षण के दौरान मतदाता अपने नाम, पते और अन्य विवरणों की जांच कर सकेंगे। नाम में संशोधन, नया नाम जोड़ने अथवा पात्रता से संबंधित दावे-आपत्तियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज कराई जा सकेंगी। निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों को अधिक शुद्ध और अद्यतन बनाने पर जोर दिया है।

राजस्थान समेत 17 राज्यों में SSR

निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर राजस्थान सहित 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तराखंड, गोवा, केरल, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्य शामिल हैं।

निर्वाचन विभाग की ओर से मतदाताओं से अपील की गई है कि प्रारूप सूची जारी होने के बाद वे अपना नाम और विवरण अवश्य जांचें। किसी प्रकार की त्रुटि या नाम नहीं होने की स्थिति में निर्धारित अवधि के भीतर दावा अथवा आपत्ति दर्ज कराकर मतदाता सूची को दुरुस्त कराया जा सकता है।