ट्यूनीशिया। अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के मंच पर भारतीय लघु फिल्म ‘तोयज (व्हाइट लोटस)’ ने देश का गौरव बढ़ाया है। ट्यूनीशिया में आयोजित 12वें जेर्बा इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ विमेन एंड यूथ सिनेमा में फिल्म ने आधिकारिक लघु फिल्म प्रतियोगिता में तीसरा पुरस्कार हासिल किया। अभिजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में बनी इस फिल्म की उपलब्धि से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सिनेमा को नई पहचान मिली है।
24 से 27 अक्टूबर तक आयोजित चार दिवसीय फिल्म महोत्सव में भारत को ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ का विशेष दर्जा दिया गया था। इस दौरान भारतीय फिल्मों और सिनेमा की रचनात्मकता को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया गया। इसी क्रम में ‘तोयज’ को प्रतियोगिता के लिए चुना गया और प्रदर्शन के बाद निर्णायक मंडल ने इसे तीसरे पुरस्कार से सम्मानित किया।
भारतीय दूतावास ने दी बधाई
ट्यूनीशिया स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फिल्म की सफलता की जानकारी साझा की। दूतावास ने अपने संदेश में बताया कि ‘व्हाइट लोटस’ ने 12वें जेर्बा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की आधिकारिक शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही निर्देशक अभिजीत श्रीवास्तव और पूरी फिल्म टीम को बधाई दी गई।
38 देशों की 68 फिल्मों का हुआ प्रदर्शन
इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में दुनिया के अलग-अलग देशों की कुल 68 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इनमें 38 देशों की फिल्में शामिल थीं। भारत के अलावा अल्जीरिया, मोरक्को, लेबनान, मिस्र, सीरिया, बहरीन, कतर, क्रोएशिया, अमेरिका, फ्रांस और फिलिस्तीन सहित कई देशों के फिल्मकारों ने भागीदारी की।
महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य महिला और युवा फिल्मकारों को अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना रहा। फिल्म प्रदर्शन के साथ कार्यशालाएं, मास्टर क्लास, परिचर्चाएं और सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
भारत-ट्यूनीशिया के सांस्कृतिक संबंधों को मिलेगा प्रोत्साहन
महोत्सव में भारत को सम्मानित अतिथि देश के रूप में आमंत्रित किया जाना और भारतीय फिल्म का पुरस्कार जीतना दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सिनेमा के माध्यम से विभिन्न देशों की संस्कृति, सामाजिक परिस्थितियों और रचनात्मक विचारों को साझा करने का अवसर मिला।
‘तोयज’ की इस उपलब्धि ने भारतीय लघु फिल्मों की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बढ़ती उपस्थिति को रेखांकित किया है। निर्देशक अभिजीत श्रीवास्तव और उनकी टीम के लिए यह सम्मान भारतीय कहानी कहने की कला को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।



