80 साल की उम्र में खुद से ज्यादा अपने मवेशियों की फिक्र

आबूरोड(सिरोही)। सिरोही जिले के आदिवासी बहुल आबूरोड तहसील क्षेत्र में वयोवृद्ध पशुपालक सांगना गांव निवासी दलाराम 80 साल की उम्र में पशुओं के लिए चारे का जुगाड कर पहाड़ों की चढ़ाई कर कई किलोमीटर लड़खड़ाते कदमों से पैदल लौटकर उनकी भूख शांत करता है।

दीगर बात यह है कि दला मवेशियों  को चारा पानी देने के बाद खुद भोजन करता है। दलाराम ऐसा पशुपालक है जो प्रतिदिन सुबह 5 बजे कई किलोमीटर दूर निकल पडता है तथा पहाड़ों की जोखिम भरी चट्टानों के इर्द-गिर्द उगी सूखी घास को दराती से काटकर जमा करता है। फिर शाम ढलने पर करीब 5 बजे तक वापस लौट पाता है।