श्री मेहंदीपुर बालाजी मंदिर अधिग्रहण प्रक्रिया तत्काल रोकें : हिन्दू जनजागृति समिति

जयपुर। दौसा स्थित सुप्रसिद्ध श्री मेहंदीपुर बालाजी मंदिर लाखो श्रद्धालुओं का आस्था स्थान हैं। इस मंदिर के महंत किशोरपुरी जी महाराज के देवलोकगमन पश्‍चात 5 ही दिन में शोकाकुल मंदिर न्यासियों को सरकार ने अधिग्रहण के विषय में नोटिस भेजा। यह इस मंदिर से जुडे लाखों श्रद्धालुआें के धार्मिक भावना का अनादर हैं। जिसकी हम कडी आलोचना करते है। वर्तमान में राजस्थान उच्च न्यायालय ने सरकार की इस कार्यवाही पर स्टे लगाया है। परंतु सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के अनुसार मंदिर अधिग्रहण, यह संविधान विरोधी है।

इसलिए राजस्थान सरकार तत्काल प्रभाव से श्री मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के अधिग्रहण की प्रक्रिया रोके। अन्यथा दरगाहों, मस्जिदों और चर्चों के अधिग्रहण के लिए कानून बनाने का साहस दिखाए, ऐसी मांग हिन्दू जनजागृति समिति ने एक ज्ञापन द्वारा राजस्थान के मुख्यमंत्री, देवस्थान विभाग मंत्री और मुख्य सचिव से की है। मंदिर सरकारीकरण आदि हिन्दू समस्याओं के लिए ‘अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन’के माध्यम से हिन्दुओं का राष्ट्रव्यापी संघटन हिन्दू जनजागृति समिति ने किया है।

समिति ने इस आवेदन में लिखा है कि डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी विरुद्ध तामिलनाडू शासन एवं अन्य (सिव्हिल अपील क्र.: 10620 /2013) इस प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए निर्णय को सरकार ने ध्यान में लेना चाहिए। सरकार को केवल धार्मिक स्थल के व्यवस्थापन में व्याप्त अनियमितता समाप्त करने हेतु निश्‍चित कालावधी में सहकार्य करना अपेक्षित है। लेकिन मंदिर अधिग्रहित कर वहां अपना प्रशासन सदा के लिए रखना, यह संविधान द्वारा अनुच्छेद 26 में धार्मिक गुटों को दिए प्रदत्त मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन है। इसलिए मेहंदीपुर बालाजी मंदिर अथवा धार्मिक संस्था का व्यवस्थापन शासन द्वारा स्वयं के नियंत्रण में लेना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 26 (d) में निश्‍चित किए गए अधिकारों का उल्लंघन हैं।

राज्य शासन ने अब तक केवल हिन्दुओं के देवस्थान स्वयं के नियंत्रण में लिए है । देश की सबसे अधिक बिन खेती की जमीन कैथोलिक चर्च के नियंत्रण में है । भारतीय सेना, साथ ही भारतीय रेलवे इन सरकारी विभागों के उपरांत तीसरे क्रमांक पर वक्फ बोर्ड की 4 लाख एकड भूमि है। जिनके संदर्भ में अनेक विवाद भी आरंभ है। इसलिए शासन मुसलमान एवं ईसाईयों के धार्मिक स्थल भी नियंत्रण में लेने के लिए कानून बनाए, ऐसी हमारी मांग है। अन्यथा श्री मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के अधिग्रहण का प्रस्ताव शासन तत्काल प्रभाव से रोके। वक्फ बोर्ड की धरती पर मंदिरों के सुव्यवस्थापन हेतु प्रामाणिक निवृत्त न्यायाधीश, प्रशासकीय अधिकारी, समाज के प्रतिष्ठित, मंदिर न्यासी, धर्मगुरु, पुजारी और भक्त ऐसे लोगों की समिति नियुक्त कर उन्हें संबंधित अधिकार प्रदान करें। ऐसी मांगे इस निवेदन के द्वारा हिन्दू जनजागृति समिति ने की है।