मनरेगा में समय पर भुगतान न मिलने में अधिकारी की लापरवाही हुई तो कार्यवाही होगी

मनरेगा में समय पर भुगतान न मिलने में अधिकारी की लापरवाही हुई तो कार्यवाही होगी - उप मुख्यमंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्री
action taken on mgnrega corruption of management if payment not processed
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जयपुर | उप मुख्यमंत्री एवं ग्रामीण विकास व पंचायतीराज मंत्री श्री सचिन पायलट ने मंगलवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत श्रमिकों को समय पर भुगतान नही होने का प्रकरण सामने आने पर यदि इसमें कोई अधिकारी शामिल है तो उसके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।

श्री पायलट प्रश्नकाल में विधायकों की ओर से पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी नरेगा के लेबर कंपोनेन्ट राज्य सरकार देती है और मेटेरियल कॉम्पोनेन्ट केन्द्र सरकार देती हैै। केन्द्र सरकार से राज्य सरकार को 1500 करोड़ रुपये मिलने थे। हाल ही में 400 करोड़ रुपये मिले हैं, इस राशि का भुगतान करवाया जा रहा है।

उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि मनरेगा लेबर कॉम्पोनेन्ट पेमेंट राजस्थान में लगभग 95 प्रतिशत कर दिया गया है और शेष भुगतान 15 दिन मेें कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पक्के निर्माण कायो का भुगतान केन्द्र सरकार जैसे-जैसे राशि देगी तो भुगतान तुरन्त कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार सेे बकाया 1100 करोड़ रुपये मिलने पर बकाया भुगतान कर दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रदेश का लेबर कॉम्पोनेट राशि का 95 प्रतिशत लोगों तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि भुगतान नहीं होने के सम्बन्ध में अगर वास्तविक प्रार्थी का नाम भेजेंगे तो तुरन्त प्रभाव से भुगतान करवाया जाएगा।

इससे पहले विधायक श्री गिरधारी लाल के मूल प्रश्न के जवाब में श्री पायलट ने बताया कि बीकानेर जिले में एक जनवरी, 2016 से मनरेगा योजना में पक्के निर्माण कार्यों का वर्ष 2016-17 में 2.29 करोड़, 2017-18 में 11.95 करोड़, वर्ष 2018-19 में 94.19 करोड़ एवं वर्ष 2019-20 में 9.42 करोड़ रुपये सहित कुल 117.85 करोड़ रुपये बकाया है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार से राशि प्राप्त होने पर तुरन्त भुगतान की कार्यवाही की जायेगी। भारत सरकार से राशि प्राप्त करने के लिए भारत सरकार को राज्य सरकार के स्तर से 23 जनवरी, 2019 एवं 18 फरवरी, 2019 व 8 मई, 2019 को पत्र प्रेषित किये गये हैं, उन्होंने पत्रों की प्रति सदन के पटल पर रखी।

श्री पायलट ने बताया कि भारत सरकार द्वारा सामग्री एवं प्रशासनिक मद के अन्तर्गत 9 जुलाई 2019 को 399.53 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की गई जो राज्य सरकार के राजकोष में 18 जुलाई, 2019 को जमा हुई है। उक्त राशि को विभाग द्वारा वित्त विभाग के माध्यम से प्राप्त करने की कार्यवाही की जा रही है। विभाग को राशि प्राप्त होने पर लम्बित दायित्वों के भुगतान की कार्यवाही तुरन्त प्रारम्भ की जायेगी।