आदर्श क्रेडिट को आपरेटिव सोसायटी मामले में पीएम के नाम भेजा ज्ञापन

अजमेर। वित्तीय गडबडझाले और संचालक मंडल के सर्वेसर्वा पदाधिकारियों के कानूनी जद में आने के बाद से ठप पडी आदर्श क्रेडिट को आपरेटिव सोसायटी से जुडे लाखों लोगों का पैसा फंस गया है बल्कि संस्था में कार्यरत स्टाफ के समक्ष रोजी रोटी का संकट उठ खडा हुआ है।

शुक्रवार इस बारे में सोसायटी से जुडे अजमेर शाखा के स्टाफ, सदस्यों तथा निवेशकों ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम कलक्टर को ज्ञापन सौंपा तथा सोसायटी को बहाल कर वित्तीय लेन देन पर लगी रोक हटाए जाने की मांग उठाई। सभी में इस बात को लेकर गुस्सा था कि जांच लंबित रहने से संस्था से जुडे स्टाफ और निवेशकों में भय का वातावरण बना हुआ है।

ज्ञापन में बताया गया कि आदर्श को आपरेटिव सोसायटी बीते 19 साल से लगातार सहकारी वित्तीय सेवाएं प्रदान करती आ रही है। देशभर में लाखों लोग किसी न किसी रूप से इस संस्था से जुडे हुए हैं और उनके परिवार का पालन पोषण इसी संस्था पर आधारित है। करीब 20 लाख परिवारों की आजीविका का माध्यम इस संस्था पर लगाई गई रोक के चलते सभी परिवार संकट में आ गए हैं।

सोसायटी के आंकडे इस बात का गवाह है कि लोगों को रोजगार देने और समाज सेवा के क्षेत्र में संस्था उल्लेखनीय रूप से सफल रही है। दुर्भाग्यवश संस्था के अस्तित्व पर परिचालन का बहुत बडा संकट खडा हो गया है। लोग भुखमरी के कगार पर हैं। सभी ने मिलकर बडे परिश्रम से संस्था को इस मुकाम पर पहुंचाया कि देश ही नहीं बल्कि की विदेशों में भी सहकारिता का नाम रोशन हुआ।

आज आदर्श क्रेडिक को आपरेटिव सोसायटी को देश की सबसे बडी क्रडिट को आपरेटिव सोसायटी होने का गौरव प्राप्त है। इसलिए जरूरी है कि इस संकट से उबार कर इस संस्था को पुन: सक्षम बनाया जाए।

उल्लेखनीय है कि सोसायटी पर लगाए गए प्रतिबंधों से पूर्व के समस्त परिपक्व भुगतान नियमित रूप से परिपक्वता तिथि पर किए जाते रहे हैं। उसमें कभी कोई विलम्ब नहीं हुआ। यहां तक की जमाकर्ता सदस्य को जमा परिपक्व की सूचना अग्रिम रूप से भेजी जाती है।

सोसायटी द्वारा लगातार लाभ अर्जित कर अपने सदस्यों को नियमित रूप से लाभांश का भुगतान किया जाता रहा है। यह देश के सहकारी वित्तीय क्षेत्र में एक रिकार्ड है। वर्तमान में सिर्फ एडवाइजर, एजेंट ही नहीं बल्कि जमाकर्ताओं के लिए भी आदर्श केडिट एक बडी आथिक आवश्यकता है। देश के लाखों लोगों के हित में इस संस्था का सक्रिय और गतिशील रहना जरूरी है। ऐसे में संस्था को बंद या समाप्त करना वा​स्तविक समाधान नहीं हो सकता।

आदर्श केडिक को आपरेटिव सोसायटी पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को समाप्त कर संस्था को पूर्व की भांति सेवा और संचालन की अनुमति प्रदान की जानी चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में रतन सिंह, सम्मान सिंह बडगुर्जर, सूर्यकांता भंवर, मनोज कुमार, राधेश्याम, सोना देवी, पुष्पलता, हरभजन सिंह,प्रेम प्रकाश, योगेन्द्र प्रसाद, हेमलता समेत बडी संख्या में सदस्य जमाकर्ता एवं एडवाइजर शामिल थे।