देर रात कांग्रेस नेता लोढ़ा के पास आखिर क्यों पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी?

sanyam lodha
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सबगुरु न्यूज-सिरोही। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के राजस्थान गौरव यात्रा के दौरान ही सिरोही में कांग्रेस के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के पास जिले के कुछ प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। सूत्रों के अनुसार वह लोढ़ा से गुरुवार को उनके सरजावाव दरवाजे पर सभा के आयोजन को कार्यक्रम को स्थगित करने के लिए पहुंचे थे, लेकिन कोई बात नहीं बनी। सूत्रो के अनुसार रैली के लिए पहले दी गई माइक की अनुमति भी प्रशासन द्वारा रद्द किये जाने की आशंका नजर आ रही है।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा के दौरान गुरुवार को ही कांग्रेस का सिरोही में वसुंधरा भगाओ, राजस्थान बचाओ रैली व सभा का आयोजन प्रस्ताव था। इसमें रैली के लिए उपखण्ड अधिकारी कार्यालय से लाउड स्पीकर की अनुमति तो मिल गई, लेकिन सरजावाव दरवाजे पर आमसभा की अनुमति देने का सिरोही कोतवाली पुलिस ने मना कर दिया। बाद में प्रशासन कांग्रेस पर रैली और आमसभा दोनों को ही निरस्त करने का दबाव बनाने लगा।

बुधवार देर शाम कांग्रेस की माइक की अनुमति भी निरस्त करने की जानकारी सामने आई। सिरोही जिला कांग्रेस को गुरुवार को सारणेश्वर गांव से सवेरे साढे नौ बजे सिरोही के लिए रैली निकालने का कार्यक्रम था। यह रैली सारणेश्वर से शहर के विभिन्न इलाकों में घूमती हुई सरजवाज दरवाजे पर पहुंचती।

जहां पर दोपहर साढे बारह बजे सभा का प्रयोजन था, लेकिन सिरोही कोतवाली ने इसकी अनुमति नहीं दी। इधर, लोढ़ा नियमों के तहत सभा की अनुमति देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी बताते रहे, लेकिन बात नहीं बनी। वहीं पुलिस अधिकारी भी कांग्रेस के नेताओं को उनकी सभा टालने के लिए चर्चा करते रहे। प्रशासन की स्थिति यह थी कि पुलिस अधीक्षक ने तो कांग्रेस के हर मुख्य आयोजन व कार्यक्रम पर एक पुलिसकर्मी को तैनात कर दिया था।

कांग्रेस नेताओं पर नजर रखने के लिए डीएसबी के कांस्टेबल होटल, डाक बंगले, कांग्रेस कार्यालय पर तैनात किए। इतना ही नहीं पुलिस कर्मियों के तो कांग्रेस के समुहों में उनको जोड़ने के लिए भी अनुरोध करने की भी सूचना मिली। इधर, देर शाम को इस कार्यक्रम को टालने के लिए आला अधिकारियों के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा से मुलाकात करने की बात भी सामने आ रही है।

बताया जा रहा है इस पर बात नहीं बनी है। पुलिस द्वारा सभा की अनुमति नहीं दिए जाने से आहत कांग्रेस अन्य विकल्पों पर भी काम कर रही है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने जिले के नवयुवक अधिकारियों पर सरकार की मर्जी के अनुसार काम करने का आरोप लगाया है।
-प्रशासन का जवाब बन सकता है प्रशासन के लिए आफत
कांग्रेस की रैली और सभा की अनुमति नहीं देने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष को जवाब दिया है। इस जवाबी पत्र में बताया कि मुख्यमंत्री की प्रोटोकाॅल सभा होने के कारण पूरी पुलिस इमदाद उसी में लगी है। इस कारण वह कांग्रेस की आमसभा और रैली के लिए पुलिस इमदाद नहीं दे सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार प्रशासन ने इस पत्र में मुख्यमंत्री की राजस्थान गौरव यात्रा का उल्लेख नहीं किया है। ऐसे में प्रशासन की यह गलती गुरुवार सवेरे मुख्यमंत्री की रैली और उनके लिए कोई नई सूचना लेकर आ सकती है।