27 साल बाद जाकर विश्वकप राउंड रॉबिन प्रारूप में खेला जाएगा

27 साल बाद जाकर विश्वकप राउंड रॉबिन प्रारूप में खेला जाएगा।
27 साल बाद जाकर विश्वकप राउंड रॉबिन प्रारूप में खेला जाएगा।

कोलकाता । वर्ष 1992 का एकदिवसीय विश्वकप राउंड रॉबिन प्रारूप में खेला गया था और उसके 27 साल बाद जाकर 2019 में इंग्लैंड में होने वाला विश्वकप राउंड रॉबिन प्रारूप में खेला जाएगा।

वर्ष 1992 में जहां नौ टीमें थीं वहीं इस बार 10 टीमें राउंड रॉबिन प्रारूप में एक दूसरे के खिलाफ खेलेंगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद(आईसीसी) ने सात दिनों तक चली बोर्ड बैठक के बाद विश्वकप 2019 के कार्यक्रम की पुष्टि की है जो इंग्लैंड एंड वेल्स की मेजबानी में 30 मई से 14 जुलाई तक खेला जाना है। वर्ष 1975 में शुरू हुये विश्वकप के पहले चार संस्करण ग्रुप मैचों के बाद सेमीफाइनल और फाइनल प्रारूप में खेले गये थे। 1992 में राउंड रॉबिन प्रारूप की शुरूआत हुई जिसमें सभी नौ टीमें एक दूसरे के खिलाफ खेलीं और शीर्ष चार टीमों के बीच सेमीफाइनल हुये। लेकिन इसके बाद इस प्रारूप का इस्तेमाल नहीं हुआ। वर्ष 1996 के विश्वकप में क्वार्टरफाइनल की शुरूआत हुई जबकि 1999 के विश्वकप में सुपर सिक्स की शुरूआत हुई।

आईसीसी विश्वकप 27 साल बाद उसी राउंड रॉबिन प्रारूप में लाैट रहा है जिसमें पाकिस्तान की टीम करिश्माई वापसी करते हुये चैंपियन बनी। इस बार सभी 10 टीमें लीग चरण में एक दूसरे से खेलेंगी और चार टीमें नॉकआउट दौर में प्रवेश करेंगी। वर्ष 1983 और 2011 की विश्व चैंपियन और 2013 में इंग्लैंड में आईसीसी चैंपियंस ट्राॅफी जीत चुकी भारतीय क्रिकेट टीम इस बार अभियान की शुरूआत पांच जून को साउथम्पटन के हैम्पशायर बाउल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ करेगी जबकि चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से उसका मैच 16 जून को ओल्ड ट्रेफर्ड में होगा।