पिण्डवाडा-आबू विधानसभा में फिर से कांग्रेस में राजनीतिक गुत्थमगुत्थी!

0

सबगुरु न्यूज-सिरोही। पिंडवाड़ा में जो हालात बने हुए हैं उससे तो यही लग रहा है कि नगर निकाय चुनावों की तरह ही पंचायतराज चुनावों में भी पिण्डवाडा आबू विधानसभा में कांग्रेस के साथ खेला हो जाएगा। कांग्रेस के अंदरूनी विवादों से तो ऐसा ही प्रतीत हो रहा है। पार्टी ने यहां पर संपूर्ण अधिकार यहां के विधानसभा प्रत्याशी और जिलाध्यक्ष लीलाराम गरासिया को दिए है।

नगर निकाय चुनावों में यहां के दो निकायों में एक में कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला तो दूसरे में बहुमत मिलने पर भी बोर्ड नहीं बना पाई। ऐसे में लीलाराम गरासिया यहां पर दो-शून्य से पीछे रहे। अब पंचायत समिति चुनावों में भी यहां पर जबरदस्त रार सामने आ रही है। कोई मजबूत स्थानीय नेतृत्व नहीं होने के कारण ये विधानसभा शुरू से ही खालसा रही और कांग्रेस के संमय लोढा व नीरज डांगी गुट के बीच यहां पर वर्चस्व की लडाई चलती रही। लीलाराम गरासिया डांगी गुट के माने जाते हैं। ऐसे में यहां पर दोनों गुटों की लडाई में कांग्रेस की भद्द पिट रही है।

– निकाय चुनावों में दोबारा दिया टिकिट

स्थानीय निकाय चुनावों में लम्बे अर्से के बाद पिण्डवाडा नगर पालिका में कांग्रेस को बहुमत मिला था। यहां पर कांग्रेस ने पूर्व में पालिकाध्यक्ष रहे अचलसिंह बालिया को फिर से पालिकाध्यक्ष पद का प्रत्याशी बना दिया। इस पर कांग्रेस के ही राकेश रावल ने बगावत कर दी।

वो अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए और भाजपा के सहयोग से पालिकाध्यक्ष बन गए। इस दौरान भी आरोप लगा था कि राकेश रावल के संयम लोढा गुट का होने के कारण उन्हें पालिकाध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी नहीं बनाया गया। ऐसे में लीलाराम गरासिया को यहां पर खाली हाथ रहना पडा। माउण्ट आबू नगर पालिका को वो वैसे ही खो चुके थे।

Ad

-अब पंचायत समिति में भी वही रार

नगर निकाय चुनावों की तरह पंचायत समिति चुनावों में भी वही गुटबाजी सामने आई है। पिण्डवाडा आबू विधानसभा को दो पंचायत समितियों में बांटा है। पिण्डवाडा पंचायत समिति और भावरी पंचायत समिति। पिण्डवाडा पंचायत समिति में यूथ कांग्रेस के निर्वाचित जिला अध्यक्ष निकेश रावल का टिकिट काट दिया गया। निकेश रावल भी संयम लोढा के करीबी नेताओं में माने जाते हैं। इस पंचायत समिति में इस बार भी टिकिट वितरण में नीरज डांगी गुट के विधानसभा प्रत्याशी व जिलाध्यक्ष लीलाराम गरासिया का हस्तक्षेप रहा। ऐसे मे निकेश रावल का टिकिट कट गया।

निकेश रावल का आरोप है कि टिकिट वितरण में परिवारवाद चलाया गया। वहीं लीलाराम गरासिया का कहना है कि समुचित संख्या में युवाओं की टिकिट दिया गया है और टिकिट वितरण में स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखा गया है। रावल ने पिण्डवाडा पंचायत समिति के वार्ड संख्या 13 से टिकिट मांगा था लेकिन, वहां से उनका टिकिट काट दिया गया और पूर्व जिला प्रमुख की पुत्रवधु को टिकिट दे दिया गया। कांग्रेस की टिकिट वितरण समिति पर पिण्डवाडा पंचायत समिति में परिवारवाद को बढावा देते हुए पूर्व जिला प्रमुख की दो पुत्रवधुओं को टिकिट देने का आरोप लग रहा है।

जिन जिला प्रमुख का हवाला दिया जा रहा है वो भी संयम लोढा गुट के प्रमुख नेताओं में माने जाते हैं। गत लोकसभा चुनाव में सिरोही के पणिहारी गार्डन में हुई बैठक में दिया गया उनका भाषण काफी चर्चा में रहा था।

– जिला परिषद भी हो सकती हैं प्रभावित

कांग्रेस के दो गुटों के बीच की रसाकशी से जिला परिषद की सीटें भी प्रभावित होंगी इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। पिण्डवाडा विधानसभा में की पिण्डवाडा पंचायत समिति में जिला परिषद के चार वार्ड पडते हैं। इनमें वार्ड संख्या 21, 22, 23 और 24 शामिल हैं। जिस तरह से निकाय चुनावों में दोनों गुटों की खींचतान में कांग्रेस को नुकसान हुआ था वैसे ही पंचायत समिति चुनावों में पिण्डवाडा पंचायत समिति के साथ इन चार जिला परिषद सीटों पर भी पडने से इनकार नहीं किया जा स

कता है।