भाजपा ने राजनीति को इंवेट बना दिया : अशोक गहलोत

वसुंधरा राजे का जो अपमान हुआ है उन्हें स्वत ही इस्तीफा दे देना चाहिए:गहलोत
वसुंधरा राजे का जो अपमान हुआ है उन्हें स्वत ही इस्तीफा दे देना चाहिए:गहलोत

जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी पर राजनीति को इवेंट बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीति के माध्यम से ही पीडित और शोषित वर्ग का उत्थान करने के साथ ही देश का विकास किया जा सकता है।

गहलोत ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर हमला करते हुए कहा कि वह प्रदेश के गरीब और पिछडे वर्ग के उत्थान की बजाय जन संवाद क नाम पर हवाई यात्रा कर जनता के धन का दुरूपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को जनसंवाद का कार्य चार साल पहले ही करना चाहिए लेकिन आगामी चुनावों के मद्देनजर हवाई दौरे कर वह धन का दुरूपयोग कर रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राजे प्रदेश में शासन करने में नाकाम साबित हुई है। इसका प्रमाण हर वर्ग में सरकार के काम काज को लेकर असंतोष ओैर आक्रोश लगातार बढ रहा है। उन्होंने प्रदेश में मुख्य सचिव की नियुक्ति सहित प्रमुख पदों पर कम समय के लिए नौकरशाहों को लगाने के सवाल पर कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश में गलत परम्परा डाली है जिसके कारण प्रमुख पदों पर बार बार नियुक्तियां करने की नौबत आई है।

उन्होंने प्रदेश में छोटी बच्चियों पर बढ रहे यौन अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहला मौका है जब प्रदेश में छोटी उम्र की बालिकाओं का बलात्कार हो रहा है। उन्होंने कहा कि चितौडगढ में छह साल की मासूम के साथ हुए यौन शोषण के कारण उसका यूटरस निकाल दिया गया जिसके कारण वह कभी मां नही बन सकेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक मासूम के साथ इतनी बडी घटना होने के बावजूद सरकार ने इसे गंभीरता से नही लिया जो अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

गहलोत ने सरकार द्वारा प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के कार्यालयों के लिए भू आवंटित करने के मामले को गलत बताते हुए कहा कि इसके खिलाफ दाखिल याचिका पर न्यायालय ने भी संज्ञान लेते हुए सरकार से जवाब तलब किया है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आने पर ऐसे सारे प्रकरणों की जांच की जाएगी और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कानून सम्मत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से भी कहा कि वे बगैर किसी दवाब के नियमानुसार कार्य करें।

राजस्थान में बढते अपराधाें का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले भू माफिया और शराब माफिया की ही चर्चा होती थी लेकिन अब बजरी माफिया भी पनप गया है और इसके माध्यम से सरकार प्रदेश में भ्रष्टाचार का बढावा दे रही है। उन्होंने सरकार पर इस संबंघ में उच्चतम न्यायालय को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तकनीकी के नाम पर सरकार इस मामले में बजरी और खनन माफियाओं को बचाने में लगी हुई है।

प्रदेश में व्याप्त पेयजल सकंट की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश शहरों में पेयजल की भयावह स्थिति बनी हुई है और यह हालत न केवल इंसानों बल्कि पशुओं के लिए भी बने हुए हैं। इसके बावजूद सरकार पेयजल की आपूर्ति करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे हालत में उचित कदम नहीं उठाए गए तो प्रदेश में कानून एवं व्यवस्था बिगडने का संकट पैदा हो जाएगा जिस पर काबू पाना सरकार के लिए असंभव हो जाएगा।

उन्होंने राज्य सरकार पर दलित और हिन्दुत्व के नाम पर आपस में लडाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे प्रदेश में जातिगत झगडे लगातार बढ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार हर दूसरे दिन दलितों की हत्या, दलित दूल्हों को घोडी से उतारने अथवा उनकी बरातें नहीं निकलने देने की घटनाएं हो रही है। उन्होंने कहा कि वोटों की राजनीति के कारण समाज में हो रहा यह ध्रुवीकरण प्रदेश के विकास के लिए खतरा बन सकता है।