समान विचारधारा के साथ मिलकर चलेगी कांग्रेस : मल्लिकार्जुन खडगे

AICC plenary session : Congress to adopt 'pragmatic approach' for cooperation with like-minded parties says Mallikarjun Kharge
AICC plenary session : Congress to adopt ‘pragmatic approach’ for cooperation with like-minded parties says Mallikarjun Kharge

नई दिल्ली। कांग्रेस ने देेश में बदलाव का आह्वान करते हुए कहा कि सभी समान विचारधारा वाले दलों के साथ सहयोग के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया जाएगा और अगले आम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए साझा कार्यप्रणाली तैयार की जाएगी।

पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने पार्टी के 84वें महा अधिवेशन में राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी आलोचना की और कहा कि देश को विकास के पथ पर लाने वाली पार्टी कांग्रेस ही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का शानदार इतिहास है और यह बहुसांस्कृतिक, बहुभाषी और बहुधार्मिक भारत का प्रतिनिधित्व करती है।

उन्होंने कहा ​कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण देश तानाशाही, विभाजनकारी और विघटनकारी ताकतों के खतरों का सामना करते हुए चौराहे पर खड़ा है और कांग्रेस ऐसे वक्त में कांग्रेस लोगों के साथ खड़ी है और उनसे प्रतिबद्धता व्यक्त करती है।

संविधान के संरक्षण पर बल देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि संवैधानिक मूल्यों की बुनियाद पर खतरा पैदा हो गया है और आजादी संकट में है। संवैधानिक संस्थानों पर भारी दबाव है और उनकी स्वतंत्रता से समझौता किया जा रहा है। खडगे ने कहा कि भाजपा राज में किसानों, खेत मजदूरों, असंगठित क्षेेत्र से जुड़े कामगारों, श्रमिकों, दलितों अल्पसंख्यकों, व्यापारियों, बेरोजगारों और गरीबों की उम्मीदों को कुचल रही है।

राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया है कि देश में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और मोदी के करीबी हजारों करोड़ रुपए लेकर भाग रहे हैं। इसमें राफेल सौदे का उल्लेख भी किया गया है।

कांग्रेस ने कहा कि आंतरिक एवं बाहरी सुरक्षा का माहौल लगातार बिगड़ रहा है।अंदरूनी सुरक्षा के लिए आतंकवाद, उग्रवाद और बलवा गंभीर चुनौती पेश कर रहे हैं। भाजपा सरकार नागरिकों को सुरक्षा उपलब्ध कराने में नाकामयाब रही है। सीमा पर आतंकवाद, हिंसा और हमले के खतरे हैं जिनसे निपटने में सरकार अक्षम साबित हो रही है।

उन्होंने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू के काल में कृषि और उद्योग के विकास के लिये पंचवर्षीय योजनाएं शुरू की गयी। लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान- जय किसान से देश का विकास किया। इंदिरा गांधी को गरीबी हटाने और हरित क्रांति का श्रेय जाता है। राजीव गांधी ने डिजिटल भारत का रास्ता खोला और महिला सशक्तीकरण के लिए कदम उठाए। मनमोहन सिं​ह ने आर्थिक उदारीकरण किया।