आईएसआई के लिए जासूसी मामले में वायुसेना अधिकारी अरेस्ट

Air Force Officer Arrested In Delhi, Was Seduced By ISI Spies On Chat
Air Force Officer Arrested In Delhi, Was Seduced By ISI Spies On Chat

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि उसने वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसिस इंटेलिजेंस (आईएसआई) को गोपनीय सूचनाएं देने को लेकर जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है।

विशेष प्रकोष्ठ के विशेष आयुक्त एम.एम.ओबराय ने कहा कि वायुसेना अधिकारी के खिलाफ आफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (ओएसए) के तहत एक मामला दर्ज होने के बाद उन्हें बुधवार को गिरफ्तार किया गया।

ओबरॉय ने कहा कि ग्रुप कैप्टन अरुण को गुरुवार को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अदालत ने उन्हें पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। ओबरॉय ने यह भी कहा कि मारवाह को इससे पहले जनवरी में वायुसेना ने हिरासत में लिया था।

उन्होंने कहा कि ग्रुप कैप्टन की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने के बाद 31 जनवरी को वायुसेना ने उन्हें जांच के लिए हिरासत में लिया था। वायुसेना ने मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क किया था।

विशेष प्रकोष्ठ के अधिकारी के अनुसार मारवाह (51) ने दो पाकिस्तानी एजेंटों से सूचना व दस्तावेज साझा किए हैं। एजेंट उनके साथ सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर महिला बनकर चैट कर रहे थे।

उन्होंने कथित तौर पर अपने स्मार्टफोन से वायुसेना मुख्यालय से संबद्ध गोपनीय दस्तावेजों की तस्वीरें उतारी और उसे वाट्सअप के जरिए भेज रहे थे।

विशेष प्रकोष्ठ के अधिकारियों के मुताबिक कुछ महीने पहले अधिकारी ने फेसबुक पर आईएसआई एजेंटों से दोस्ती की, जो अपने को महिला मॉडल के तौर पर पेश कर रहे थे।

अधिकारी ने कहा कि उन्होंने नियमित रूप से व्हाट्स अप पर चैट किया और कथित तौर पर अंतरंग संदेशों का आदान-प्रदान किया है।

अधिकारी ने कहा कि मारवाह का विश्वास हासिल करने के बाद पाकिस्तानी एजेंटों ने अधिकारी से गोपनीय दस्तावेजों के लिए कहा।

उन्होंने कहा कि वायुसेना अधिकारी से दक्षिण दिल्ली के लोधी कॉलोनी इलाके में विशेष प्रकोष्ठ के मुख्यालय में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या उसका कोई साथी भी है।

सूत्रों के अनुसार मारवाह के फोन को जब्त कर लिया गया और फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि उसने ने दिल्ली के वायुसेना मुख्यालय में अपनी तैनाती के कारण कई गोपनीय दस्तावेज और योजनाओं तक अपनी पहुंच होने की बात कबूली है।