अजमेर : जनसमस्याओं के निराकरण के लिए भाजपा नेताओं ने सौंपा कलक्टर को ज्ञापन

अजमेर। कोरोना वायरस को लेकर लागू लॉकडाउन के साथ ही बढती गर्मी में आम जन को हो रही परेशानियों के निराकरण के लिए बुधवार को भारतीय जनता पार्टी शहर व देहात अजमेर की ओर से कलेक्टर विश्व मोहन शर्मा को 10 सूत्री मांगों वाला ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में बिन्दुवार बताया गया है कि बीते कुछ दिनों से तापमान बढने से गर्मी चरम पर है। इस दौरान विभिन्न ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से पानी की सप्लाई में अनियमितता की शिकायतें आ रहीं है एवं कई स्थानों पर पानी के प्रेशर में कमी होने के कारण पर्याप्त मात्रा में पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही। पिछले साल का कॉन्टिनजेंसी प्लान पूर्ण रूप से लागू नहीं हो पाया था, इस वर्ष का कॉन्टिनजेंसी प्लान जल्द बना कर लागू कराया जाए।

लॉकडाउन के दौरान औद्योगिक इकाइयां में किसी भी तरह का कार्य नहीं हुआ इसके बावजूद विद्युत विभाग द्वारा स्थाई शुल्क बिल में जोड़ा जा रहा है।

दिनांक 25 मई 2020 को अनाज मंडी में आग लग गई जिससे दुकानदारों का नुकसान हुआ है। अत: नुकसान की भरपाई के लिए आपदा कोष से पीडित दुकानदारों की आर्थिक मदद की जाए साथ ही आपदा कोष में प्रार्थना पत्र देने का तीन दिन का नियम है उसमें भी इन्हें शिथिलता दी जाए।

टिड्डी दल के प्रकोप से बचने के लिए आवश्यक दवा छिड़काव की तैयारी की जाए क्योंकि आगामी कुछ दिनों में टिड्डी दल के हमले की संभावना है।

विद्युत निगम द्वारा बिजली के बिल मैसेज से भेजकर भरने को कहा जा रहा है, नहीं तो कनक्शेन काटने की धमकी दी जा रही है, जो उचित नहीं है। विभाग ने औसत आधार पर मनमर्जी से व गलत बिल बनाकर भेजे हैं। अब जबकि लॉकडाउन में शिथिलता दी गई है ऐसे में मीटर की रिडिंग के आधार पर बिल बनाकर भेजा जाना।

ज्ञापन में बताया गया कि सरकारी बीएलओ द्वारा खाद्य सामग्री बाटने में अनियमिताएं की गई है उनको दुरुस्त किया जाए। इसी तरह पंजीकृत मजदूर, श्रमिकों को मिलने वाली 2500 रुपए की नगद सहायता अजमेर जिले के उन श्रमिकों को भी दिलाई जाए जिनके खाते बैंक में खुले हुए नहीं है अथवा बंद हैं।

केन्द्र सरकार द्वारा दो माह तक दिए जाने वाले खाद्यन का वितरण सुनिश्चित करने के लिए सूची निष्पक्षता के साथ तैयार हो साथ ही आमजन नाम जुडा सकें इसके लिए समय सीमा कुछ दिन बढ़ाई जाए ताकि जल्दबाजी में कोई जरूरतमंद छूट ना जाए।

चिकित्सा सुविधा बढें, आरटीओं तय करे एम्बुलेंस का किराया

भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कलक्टर से मुलाकात के दौरान चिकित्सा सुविधा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि कोरोना वायरस को लेकर चिकित्सा सुविधा में बढोतरी हो तथा जांच अधिक से अधिक संख्या मे की जाए। इसके अतिरिक्त एंबुलेंस वाहन की दरें आरटीओ द्वारा निर्धारित की जाए जिससे मरीज के परिजन का आर्थिक शोषण ना हो।

भाजपा शहर अध्यक्ष प्रियशील हाड़ा ने कहा कि प्रशासन को निजी एंबुलेंस संचालकों को पाबंद करना चाहिए। वर्तमान में 108 सरकारी एंबुलेंस कोविड-19 में उपयोग आ रही हैं। इसका ​कई निजी एंबुलेंस संचालक बेजा फायदा उठाते हुए मरीजों से अतिरिक्त शुल्क वसूल कर रहे हैं। शहर से दूर जनाना अस्पताल तक मरीज को पहुंचाने के ​दो हजार रुपए किराया लिए जाने की शिकायत भी प्राप्त हो रही है। प्रशासन को आरटीओ से समन्वय कर एम्बुलेंस शुल्क निर्धारित करना चाहिए।

देहात जिलाध्यक्ष देवीशंकर भूतड़ा ने कहा कि जिला प्रशासन के द्वारा कई क्वारेंटाइन सेंटर शहर के बीच में बनाए गए हैं जिससे आमजन में अत्यधिक आक्रोश है। ब्यावर में केशव नारायण में बनाया गया क्वारंटाइन सेंटर शहर के बीचों-बीच है जो लोगों में भय का कारण बन रहा है। प्रशासन के पास आबादी क्षेत्र के बाहर भी पर्याप्त स्थान है। प्रशासन को वहां पर कोरोना संदिग्धों को रखना चाहिए।

सांसद भागीरथ चौधरी ने कहा कि टिड्डी दल अजमेर में आए उससे पूर्व ही एतिहात के तौर पर प्रशासन को इसे रोकने के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए जिला प्रशासन को रात को छिड़काव करवाना चाहिए।

अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि सर्वे के लिए लगाए गए बीएलओ को सर्वे के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। नए लगाए गए बीएलओ की जानकारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ साझा की जानी चाहिए। सर्वे व्यवस्था में कई खामियां हैं। कम से कम जो 37 श्रेणियां निर्धारित की गई है उन्हें तो राशन मिले। सर्वे इस प्रकार से किया जाए यह किसी पात्र व्यक्ति का नाम नहीं कटे। अजमेर का व्यापार अब थोड़ा खुला है। बिजली का बिल जमा करवाने व नहीं जमा कराने पर कनेक्शन काटने की धमकी मिलने से आम जन परेशान हैं। प्रशासन को आमजन को राहत देते हुए किश्तों में बिल जमा करने की योजना बनानी चाहिए।

अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल ने कहा कि ईमित्र के माध्यम से जो श्रेणियों में नाम जोड़ने का कार्य किया जाना था वह बंद हो गया है। करीब 8000 पंजीकरण फेल हो गए जिन्हें वापस करना पड़ा। पोर्टल को जल्द सही किया जाए व सरवर को फास्ट किया जाए साथ ही जिस व्यक्ति का नरेगा कार्ड बन गया है किंतु उसने 1 दिन भी कार्य नहीं किया है या उसे कार्य नहीं दिया गया है तो ऐसे व्यक्ति को भी राशन सामग्री दी जाए।

पुष्कर विधायक सुरेश सिंह रावत ने कहा कि बड़लिया सहित कई गांवों में तो चार-पांच दिन के अंतराल से भी पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है जिससे ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। वैकल्पिक व्यवस्था को मजबूती देने के लिए नए हैंडपंप खुदवाने का कार्य भी किया जाएं।

ज्ञापन देने वालों में भाजपा अजमेर संभाग प्रभारी व पूर्व जिला अध्यक्ष भगवती प्रसाद सारस्वत, ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश भडाणा, उपमहापौर संपत सांखला, भाजपा शहर मीडिया प्रभारी अनीश मोयल, देहात मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह आदि उपस्थित रहे।