अजमेर : 3 माह के बिजली बिल माफ करने को भाजपा ने सौंपे ज्ञापन

अजमेर। भारतीय जनता पार्टी अजमेर शहर और देहात ने विभिन्न उपखंड व तहसील कार्यालय में उपखंड अधिकारी व तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर तीन महीनों के बिजली माफ़ करने की मांग की है।

अजमेर में सांसद भागीरथ चौधरी, शहर बीजेपी अध्यक्ष प्रियशील हाडा के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने ज्ञापन सौंपा। इसी तरह अजमेर देहात अध्यक्ष देवीशंकर भूतड़ा के नेतृव में ब्यावर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया गया जिसमें मंडल अध्यक्ष रामवतार लाटा, नरेश मित्तल सहित भाजपा के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

भाजपा देहात जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक देवीशंकर भूतड़ा ने बताया कि अजमेर जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंडल स्तर पर ज्ञापन दिए हैं। लॉकडाउन के समयकाल में गहलोत सरकार ने पहले 2 माह और फिर 30 जून तक बिजली बिलों की वसूली स्थगित की थी।

केंद्र सरकार ने भी इस विषम समय मे कोरोना राहत पैकेज के अंतर्गत विद्युत कम्पनियों की 90,000 करोड़ रुपए देने की घोषणा की है। लेकिन विद्युत कंपनियों ने मनमर्जी से मीटर रिडिंग के औसत आधार पर 3 महीने का बिल एक साथ भेज दिया।

लॉक्डाउन में आर्थिक रूप से पूरी तरह से टूट चुके आम नागरिक को बिजली बिलों की भारी भरकम राशि एक साथ चुकाने के लिए मजबूर किया जा रहा है जिसके लिए भाजपा गहलोत सरकार की निंदा करती है।

भूतड़ा ने विद्युत कंपनियों व गहलोत सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि बिजली कंपनियों के द्वारा मार्च 2020 के बिल की तुलना में अप्रैल 2020 के बिल में 40 पैसे से लेकर 95 पैसे तक प्रति यूनिट की दर से बढोतरी की गई, हर माह के बिजली के बिल में स्थाई शुल्क लगाया जा रहा है।

यह बड़ी विचित्र स्थिति है कि अगर किसी नागरिक ने अपनी आर्थिक मजबूरी के चलते पिछले महीने का बिल नही चुकाया है तो अगले महीने के बिल में पिछले महीने के बिल की सम्पूर्ण राशि तो जुड़ रही है लेकिन इसके साथ ही पिछले माह का स्थाई शुल्क अलग से और जोड़ा जा रहा है यानी कि 1 महीने के स्थाई शुल्क की दो बार गणना कर आर्थिक रूप से लाचार हो चुकी जनता से दुगनी राशि वसूल की जा रही है।

भूतड़ा ने गहलोत सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सभी अखबार व चैनलों पर इस बात को सार्वजनिक रूप से उजागर किया गया है कि बिजली कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की आपसी मिलीभगत से ही बिजली की अवैध रूप से चोरी करवाकर कंपनियों का घाटा बढ़ाया जा रहा है और उस घाटे की भरपाई के लिए फिर इन कंपनियों के द्वारा आम जनता पर भार डाला जा रहा है।

भूतड़ा ने ज्ञापन में मांग की है कि वैश्विक महामारी के कारण आर्थिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए सरकार अप्रैल, मई और जून महीने के बिजली बिल माफ करने की घोषणा करे व विद्युत कंपनियों को निर्देशित करें कि भारी भरकम राशि का बिल बनाकर जनता पर भुगतान का अनावश्यक दवाब न बनाए।

भाजपा ने अजमेर जिले के सभी तहसील व उपखंड मुख्यालय पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जिसमे मंडल अध्यक्ष, समस्त जिला पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।