अजमेर डेयरी दुग्ध की गुणवत्ता जांच में विश्व स्तरीय बनी

Ajmer dairy chairman ramchandra choudhary

अजमेर। अजमेर डेयरी द्वारा जिले की 100 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों पर डेनमार्क की फोस कम्पनी द्वारा निर्मित दुग्ध की गुणवत्ता जांच करने वाली मशीन मिल्को स्क्रीन मंगलवार को उपलब्ध करवाई गई। इससे अजमेर डेयरी दूध की गुणवत्ता जांच विश्व स्तरीय मानकों के अनुसार कर सकेगी।

डेयरी के अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने बताया कि डेनमार्क की फोस कम्पनी की भारतीय शाखा इंडीफोस एनालाइटीकल निर्मित इस मशीन की कीमत 3 लाख 54 हजार रूपए है। इसमें से 3 लाख रूपए भारत सरकार द्वारा शत प्रतिशत अनुदान दिया गया है। जीएसटी के 54000 रूपए का कर दुग्ध समिति द्वारा वहन किया जाएगा।

मिल्को स्क्रीन मशीन दुनिया में एकमात्र इसी कम्पनी द्वारा बनाई जाती है। जिसका की दुनिया में कोई विकल्प नहीं है। यह मशीन अब तक भारतवर्ष की शीर्ष जिला संघों की प्रयोगशाला में उपयोग में ली जाती है। अजमेर डेयरी द्वारा ग्राम स्तर पर 100 दुग्ध समितियों पर मंगलवार को उपलब्ध करवा दी गई। यह एक रिकॉर्ड है। जिले की शेष 170 दुग्ध समितियों पर आगामी दो माह में उपलब्ध करवा दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस मशीन के साथ एक लाख 43 हजार लागत की एएमसीयू ऑटोमैटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट मशीन पूर्व में ही 800 दुग्ध समितियों को दी जा चुकी है। यह बलगेरिया की लेक्टो स्केन मशीन से सुसज्जित है। इस प्रकार फोस कम्पनी की मिल्को स्क्रीन एवं लेक्टो स्केन सहित एएमसीयू के साथ लगने पर दुनिया में किसी भी देश एवं किसी भी संस्था के पास इससे अधिक पारदर्शी मशीन नहीं होगी।

इस पद्धति से दुग्ध की गुणवत्ता जांच होने पर अजमेर डेयरी की दुग्ध समितियां ना केवल भारतवर्ष में अग्रणीय बन जाएगी, अपितु डेनमार्क, फ्रांस, अमरीका, जर्मनी आदि के समकक्ष हो जाएगी। भविष्य में अजमेर डेयरी का दुग्ध गुणवत्ता में 24 कैरेट का खरा सोना साबित होगा।

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में वितरित 100 मशीनों की लागत 3.54 करोड़ रूपए होगी। द्वितीय चरण के अन्तर्गत आगामी दो माह में 170 मशीनें 5 करोड़ 50 लाख रूपए की वितरित की जाएगी। मशीन के संचालन के लिए डेयरी द्वारा दूध समिति के व्यक्तियों को सात दिन का गहन परीक्षण प्रदान किया गया है। निकटवर्ती अन्य अथवा लिंक समितियां भी इस मशीन का अपयोग ले सकेगी।

उन्होंने दुग्ध उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि अजमेर डेयरी के सरस दुग्ध को ही उपयोग में लेवें, जो कि गुणवत्ता के मानकों में सर्वश्रेष्ठ एवं 100 प्रतिशत खरा उतर रहा है।

मिल्कों स्क्रीन मशीन करेगी यह जांचें

डेयरी के प्रबंधक गुलाब भाटिया ने बताया कि मिल्कों स्क्रीन मशीन एफटीआईआर फिंगर प्रिंट तकनीक पर अधारित है। यह मशीन शुद्ध दूध के स्पेक्ट्रम की नमूने के दूध के साथ तुलना करके परिणाम देती है। यह दूध में फेट, एसएनएफ, प्रोटिन, पानी, यूरिया, माल्टोडेक्सट्रीन, अमोनियम सल्फेट एवं शर्करा के साथ -साथ अन्य मिलावटो की भी पहचान कर सकती है।

एक नमूने की जांच कर परिणाम देने में 45 सैकण्ड का समय लगता है। एक घण्टे में 80 नमूनों की जांच करने की क्षमता इस मशीन में है। यह मशीन 5 डिग्री तक ठण्डे दूध से 40 डिग्री सेल्सियस तक गर्म दूध का सटीक परीक्षण करने में सक्षम है। मिल्को स्क्रीन केवल 5 एमएल दूध से ही शुद्ध परिणाम दे सकती है।

मशीन को तकनीकी रूप से समृद्ध करने के लिए एलसीडी डिस्पले पर टच स्क्रीन लगाई गई है। यह 12 वोल्ट डीसी पर चलती है। इसके डाटा मेमोरी कार्ड में भी संग्रहित किए जा सकते है। यह 4 किलो की लाईट वेट मशीन है। भविष्य में इस मशीन को डेयरी के नए प्लान्ट के कंट्रोल यूनिट के साथ आनलाइन जोड़ा जाएगा। प्राकृतिक दूध से छेड़छाड़ होने पर मशीन तुरन्त बताने में सक्षम है। यह लेक्टो स्केल के स्थान पर काम ली जाएगी।