उपभोक्ता बेंच मामला : अजमेर के वकीलों ने लगाया जाम, कलक्टर के खिलाफ उगला गुस्सा

अजमेर। अजमेर जिला मुख्यालय में स्थापित राज्य उपभोक्ता आयोग की सर्किट बेंच के लिए जगह उपलब्ध कराने की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन में आज राजस्व मंड़ल अभिभाषक संघ एवं राजस्थान कर बोर्ड अभिभाषक संघ ने भी समर्थन देते हुए कार्य का बहिष्कार किया।

मंगलवार को आंदोलन उस समय उग्र हो गया जब वकीलों को सेशन कोर्ट के सामने जयपुर रोड पर जाम लगा दिया। प्रशासन पर अनदेखी, लापरवाही, अविश्वसनीयता का आरोप लगाते हुए वकीलों ने दो टूक कहा कि अब वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। रास्ता जाम कर रहे वकीलों पर पुलिस अधिकारियों की समझाइश और मिन्नतें भी बेअसर नजर आई। रास्ता जाम होने से बस स्टेंड से होकर गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही थम गई और कई घंटे वाहनों की लंबी कतार लगी रही।

बतादें कि अजमेर में खुली उपभोक्ता आयोग की सर्किट बेंच के लिए परिसर उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जिला बार एसोसिएशन द्वारा कल से कार्य का बहिष्कार कर प्रदर्शन शुरू किया था। जिला बार ऐसोसिएशन के समर्थन में कमोबेश संभाग के सभी अभिभाषक संघों ने समर्थन जताया है।

राजस्थान कर बोर्ड अभिभाषक संघ के सचिव अरिंजय जैन ने बताया कि संघ ने जिला बार के समर्थन में मंगलवार को एक दिवसीय कार्य नहीं करने की घोषणा की। राजस्थान राजस्व न्यायालय बार एसोसिएशन भी आज आंदोलन के समर्थन में अदालती काम का बहिष्कार किया और जिला बार के वकीलों का कल से चला आ रहा बहिष्कार आज भी यथावत जारी है।

बार ऐसोसिएशन के अध्यक्ष अजय त्रिपाठी, सचिव समीर काले ने संयुक्त बयान में कहा कि प्रशासन राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की सर्किट बेंच की स्थापना के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध नहीं कराएगा तो आंदोलन और तेज एवं व्यापक किया जाएगा।

गौरतलब है कि अजमेर के वकील उपभोक्ता विवाद बेंच की अजमेर में लंबे समय से मांग करते आए हैं और जब करीब सात साल पहले बेंच स्वीकृत हो चुकी है तो वर्तमान में बेंच को खोले जाने के लिए स्थान की समस्या खड़ी है।


वकीलों के दो गुटों में गर्मागरमी

राज्य उपभोक्ता आयोग की सर्किट बेंच के लिए अजमेर में स्थान उपलब्ध कराने की मांग को लेकर आंदोलनरत वकीलों के दो समूहों में उस समय तकरार हो गई जब विधायक अनिता भदेल की कार को रोक लिया गया। वहां से गुजर रही विधायक भदेल रुककर वकीलों की मांग के समर्थन में प्रशासन के उच्चाधिकारियों से मुलाकात के लिए उनके साथ गईं। वे जब वापस आई तो वकीलों का एक पक्ष यह कहने लगा कि आपकी सरकार के कार्यकाल में बेंच स्वीकृत हो चुकी थी तब आपने इसके लिए जगह दिलाने की कोशिश नहीं की। इसी बात पर विरोध जताते हुए उन्होंने भदेल की कार को आगे जाने से रोकने की कोशिश की। इससे दूसरे पक्ष के वकील अपने ही साथियों से उलझ पडे। देखते ही देखते मामला गरमा गया और वकील आपस में ही भिडने लगे।