अजमेर जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक सम्पन्न

अजमेर। जिला प्रमुख वंदना नोगिया ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाआें में स्वीकृत कार्यों को तत्काल प्रारम्भ करें ताकि उनका आमजन को समय पर लाभ मिल सके। नरेगा के क्षेत्र में अजमेर जिले को मिले राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए उन्होंने सभी को बधाई दी।

जिला प्रमुख बुधवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित साधारण सभा की बैठक की अध्यक्षता कर रही थी। उन्होंने कहा कि वर्षा के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में काफी सड़कों की मरम्मत का कार्य कराया जाना है। वहीं अन्य योजनाओं में पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करना है। यह समस्त कार्य शीघ्रातिशीघ्र प्रारम्भ करें।

उन्होंने कहा कि अजमेर जिले को नई दिल्ली में नरेगा योजना के तहत राष्ट्रीय पुरस्कार मिला हैं। यह सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के सामूहिक प्रयास से संभव हो पाया है। इसके लिए सभी बधाई के पात्र है।

बैठक में जिला कलक्टर आरती डोगरा ने वर्तमान में अजमेर जिले में पेयजल की स्थिति के संबंध में बताया कि आने वाला समय काफी गम्भीर होगा। इसके लिए हमे अभी से पानी हर बूंद की कीमत समझनी होगी तथा विभाग द्वारा किए जा रहे जल प्रबंधन में पूर्ण सहयोग देना होगा।

उन्होंने बताया कि बीसलपुर बांध की कुल भराव क्षमता 38.7 टीएमसी है, जिसके विरूद्ध वर्तमान में मात्र 9 टीएमसी जल उपलब्ध है। जो आगामी फरवरी माह तक ही चल पाएगा। उपलब्ध जल को 2019 की वर्षा ऋतु तक चलाने के लिए जलापूर्ति स्तर में 20 प्रतिशत की कटौती की गई है। भविष्य में बीसलपुर बांध में पानी की आवक को देखते हुए अग्रिम आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।

बैठक में जिला कलक्टर ने शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि वे ऎसे विद्यालय जहां पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं हैं। उन्हें शिक्षा विभाग चिन्हित कर सूची तैयार करेंगे तथा एक सप्ताह में जलदाय विभाग को उपलब्ध करांएगे साथ ही ऎसी स्वीकृत ढाणियां जो अभी तक पेयजल लाइन से नहीं जोड़ी गई है। उन्हें भी जलदाय विभाग को जोड़ने के लिए निर्देशित किया गया है।

बैठक में जलदाय अभियंताओं को निर्देशित किया गया कि वे अवैध कनेक्शनों को सख्ती से हटाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से निरन्तर सम्पर्क रहने तथा पेयजल की स्थिति से अवगत कराते रहने के लिए भी कहा।

पंचायत समिति की बैठकों में भी पानी की इस स्थिति को समस्त जनप्रतिनिधियों को बताया जाए ताकि वे भी जल प्रबंधन में अपना पूर्ण सहयोग दे सके। उन्होंने पेयजल वितरण का समय निर्धारण की सूचना आमजन को समय पर दिए जाने की भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे रास्तों में हो रहे गड्डों की मरम्मत के लिए एक सप्ताह में प्रस्ताव तैयार कर भिजवावें साथ ही रोड के दोनो तरफ बबूल के पेड़ों को समयबद्धता से छटांई करने के लिए नरेगा से प्रस्ताव तैयार कर भिजवाएं। उन्होंने बताया कि राजस्व के 96 के प्रकरणों को काफी गम्भीरता से लिया जा रहा है। इस संबंध में राजस्व अधिकारियों की बैठक में तहसीलदारों से फीडबेक भी लिया जाएगा।

जिला कलक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को सरवाड़ पंचायत क्षेत्र में निर्माणाधीन स्कूल की शिकायत की जांच रिपोर्ट लम्बे समय से नहीं दिए जाने को गम्भीरता से लेते हुए एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बैठक में ब्यावर के विधायक श्री शंकर सिंह रावत ने जवाजा क्षेत्र के दूरदराज के गांवों में शिक्षकों के रिक्त पद शीघ्र भरने की आवश्यकता बतायी।

बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अरूण गर्ग ने बताया कि जिले में व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं में लगभग 3 हजार, पालनहार में 7 हजार 400 तथा सिलिकोसिस की 250 से अधिक स्वीकृति जारी कर लोगों को लाभान्वित किया गया है।

बैठक में बड़ाखेड़ा को टॉटगढ़ के 132 केवी स्टेशन से विद्युत वितरण किए जाने, शौचालयों के निर्माण के बकाया भुगतान शीघ्र करने, सथाना का लक्ष्मीखेड़ा गांव को पेयजल पाइपलाइन से जोड़ने की भी सदस्यों ने जरूरत बतायी। इस मौके पर उप प्रमुख श्री टीकम रावत, समस्त पंचायत समितियों के प्रधान एवं जिला परिषद सदस्य सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।