अखिल भारतीय अखाडा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि का निधन

प्रयागराज। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि का सोमवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया। उनका शव अल्लापुर बाघम्बरी गद्दी मठ के एक कमरे में पंखे से लटका मिला। वह 58 वर्ष के थे।

इस बीच उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा है कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि आत्महत्या मामले में उनके शिष्य आनंद गिरि को उत्तराखंड पुलिस ने हरिद्वार से हिरासत में लिया है।

कुमार ने यहां बताया कि महंत गिरि के सुसाइड नोट में आनंद गिरि के अलावा दो अन्य लोगों के भी नाम हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गिरि के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि वह इस घटना को लेकर नि:शब्द हैं।

मौर्य ने कल ही प्रयागराज में महंत गिरि से मुलाकात की थी और उनके साथ पूजा-अर्चना की थी। संत समाज ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है और संदिग्ध परिस्थितियों में हुए उनके देहावसान की घटना की पूरी जांच की मांग की है।

केन्द्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने भी उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा है कि वह बाल स्वभाव में रहते थे और उनके आत्महत्या करने की आशंका प्रतीत नहीं होती। उन्होंने भी इस मामले की गहराई से तहकीकात कराने की मांग की है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

मोदी, शाह, योगी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।

उनका शव बाघम्बरी गद्दी से बरामद किया गया और उनके शव के पास सुसाइड नोट मिला है। पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरि के पास एक सुसाइड नोट मिला है। पुलिस के मुताबिक महंत गिरि के निधन के बारे में उनके शिष्यों ने शाम को फ़ोन पर सूचना दी। वहां मिले करीब सात पृष्ठ के सुसाइड नोट में उन्होंने विस्तार से सारी जानकारियां दी गई हैं।

प्रधानमंत्री ने हिंदी में एक ट्वीट में कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि जी का निधन अत्यंत दुखद है। आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति समर्पित रहते हुए उन्होंने संत समाज की कई धाराओं को आपस में जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई।

केंद्रीय गृह मंत्री ने हिंदी में एक ट्वीट में कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि जी का पूरा जीवन आध्यात्मिकता और धर्म के प्रचार, उत्थान और मानव सेवा के लिए समर्पित रहा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने हिंदी में एक ट्वीट में कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का निधन आध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

गौरतलब है कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई और वह सोमवार को बाघंबरी मठ के एक कमरे में लटके पाए गए।