योगी सरकार लोगों को भगवा क्रीम लगा रही : अखिलेश यादव

Akhilesh Yadav Tears Into Yogi Government Over Saffronisation of Haj House
Akhilesh Yadav Tears Into Yogi Government Over Saffronisation of Haj House

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार की रंग की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कहीं पर रंग बदल रहे हैं तो कहीं पर वर्दी बदली जा रही है। उन्होंने कहा कि रंग बदलने से विकास नहीं होगा। काम करोगे, खुशहाली लाओगे तो अपने आप चहरे का रंग बदल जाएगा। ये सरकार लोगों को भगवा क्रीम लगा रही है।

अखिलेश यादव ने गोमतीनगर के एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में बच्चों को अभी तक स्वेटर वितरण नहीं किए जाने पर योगी सरकार को कटघरे में खड़ा करते कहा कि सर्दी में स्वेटर बंट जाने चाहिए थे। जो सरकार स्वेटर नहीं दे पा रही उससे क्या उम्मीद की जा सकती है।

अखिलेश ने कहा कि कहा कि भाजपा देश की सबसे बड़ी पार्टी है उसके करोड़ों सदस्य हैं, सभी ने एक-एक स्वेटर बुना होता और सरकार ने स्वेटर बुना होता तो अब तक बच्चों को स्वेटर मिल जाते।

उन्होंने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि सरकार समाजवादी पेंशन बांट दे सभी मां अपने बच्चों के लिए स्वेटर खरीद लेगी। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों का खाना रोककर स्वेटर दे रही है। स्वेटर अभी भी सरकार बुन ले तो बच्चों को मिल जाएंगे।

विधानसभा के बाहर आलू फेंके जाने और किसानों की बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि खुद को किसानों का हितैषी बताने वाली प्रदेश सरकार चिंता कर रही है आलू विधानसभा के सामने कैसे आ गया, सरकार सोच रही है कि यह पुलिस की लापरवाही है, लेकिन सरकार ने किसानों से आलू खरीदा होता तो शायद आलू नहीं आता।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार को अपना वचन याद रखना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। और अब किसानों के विरोध के बाद प्रदेश सरकार को हिमाचल में बोलना पड़ा कि आलू की कीमत देने का इंतजाम कर लिया है। उन्होंने कहा कि किसान से खरीदे होते तो सड़ रहा आलू बर्बाद नहीं होता।

यूपी किसानों की बदहाल स्थिति के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि किसानों को उनकी आलू की कीमत नहीं मिली है। किसानों को धान की कीमत भी नहीं मिली है। गन्ना किसान बिक गया। सबसे ज्यादा आत्महत्या किसानों ने इस सरकार में की है।

मोदी सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा हि यदि नोटबंदी से भ्रष्टाचार कम या खत्म हुआ है तो हम तो कहेंगे कि नए साल पर एक बार और नोटबंदी कर दी जाए, ताकि भ्रष्टाचार खत्म हो जाए।