हाईकमान के फॉर्मूले पर बनेगा राजस्थान का नया मंत्रिमंडल

जयपुर। कांग्रेस पार्टी के हाईकमान द्वारा दिए गए फॉर्मूले के बाद राजस्थान में गहलोत मंत्रिमंडल आधा बदल जाएगा।

सूत्रों के अनुसार रविवार को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में 10 से 12 नए मंत्री शपथ ले सकते हैं। मंत्रिमंडल से हटने वाले मंत्रियों की जगह उन्हीं की जाति के नेताओं को मंत्री बनाने की ज्यादा संभावना है।

मंत्रिमंडल से हटने वाले गोविंद सिंह डोटासरा, हरीश चौधरी और रघु शर्मा की जगह उन्ही की जाति के नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी। दो जाट और एक ब्राह्मण चेहरे को मौका मिलेगा। डोटासरा और हरीश चौधरी की जगह जाट चेहरों के तौर पर रामलाल जाट, बृजेंद्र सिंह ओला, हेमाराम चौधरी, नरेंद्र बुडानिया के नाम चर्चा में हैं।

रघु शर्मा की जगह राजेंद्र पारीक, महेश जोशी, राजुकमार शर्मा दावेदार हैं। हेमाराम, रामलाल जाट और ओला पहले भी गहलोत के साथ मंत्री रह चुके हैं। महेश जोशी गहलोत के शुरू से ही बहुत नजदीक माने जाते हैं और अभी सरकारी मुख्य सचेतक हैं।

बसपा से कांग्रेस में आने वालों में राजेंद्र सिंह गुढ़ा का नाम प्रमुख हैं। बसपा से कांग्रेस में शामिल होने वाले छह विधायक ही दावेदारी कर रहे हैं, लेकिन बाकी पांच को संसदीय सचिव बनाकर या राजनीतिक नियुक्तियां देकर संतुष्ट किया जा सकता है। निर्दलीयों में महादेव सिंह खंडेला और संयम लोढ़ा के नाम चर्चा में हैं। बताया जाता है कि गहलोत ने महादेव सिंह खंडेला की पैरवी की है।

मास्टर भंवरलाल मेघवाल के निधन के बाद गहलोत सरकार में कोई दलित कैबिनेट मंत्री नहीं है। मास्टर भंवरलाल मेघवाल की जगह मंजू मेघवाल को मंत्री बनाया जा सकता है। दलित वर्ग से खिलाड़ी लाल बैरवा, परसराम मोरदिया, अशोक बैरवा, गोविंद मेघवाल भी दावेदार हैं। अशोक बैरवा गहलोत के पिछले कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं। गोविंद मेघवाल वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल में संसदीय सचिव रह चुके हैं, बाद में वे भाजपा छोड़ कांग्रेस में आ गए।

आदिवासी चेहरों के तौर पर दयाराम परमार, महेंद्रजीत मालवीय के नाम दावेदारों में हैं। मालवीय पहले भी मंत्री रह चुके हैं। मालवीय की पत्नी जिला प्रमुख हैं।

अल्पसंख्यक वर्ग से अमीन खान, जाहिदा के नाम प्रमुख दावेदारों में हैं। गुर्जर चेहरों के तौर पर शकुंतला रावत, डॉ. जितेंद्र सिंह और राजेंद्र सिंह बिधूड़ी के नाम चर्चा में हैं। कांग्रेस की अंदरूनी सियासत के लिहाज से गुर्जर चेहरों को मौका मिलने की पूरी संभावना है। नहरी क्षेत्र से गुरमीत सिंह कन्ुनर को मौका मिल सकता है। जाहिदा खान पहले संसदीय सचिव रह चुकी हैं।

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट कैंप से करीब चार से पांच मंत्री बनने की संभावना है। पायलट कैंप से मुरारीलाल मीणा, दीपेंद्र सिंह शेखावत, बृजेंद्र सिंह ओला, हेमाराम चौधरी, रमेश मीणा में से मंत्री बनने की संभावना है।

गौरतलब है कि गहलोत सरकार में 13 जिलों से फिलहाल कोई मंत्री नहीं है। उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, भीलवाड़ा, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सिरोही, धौलपुर, टोंक, सवाई माधोपुर और करौली जिलों से अभी एक भी मंत्री नहीं है। इन जिलों से मंत्रिमंडल में जगह दी जानी है।

राजस्थान : सभी मंत्रियों ने इस्तीफे सौंपे, रविवार को शपथ लेंगे नए मंत्री