मैं पाकिस्तान के साथ शांतिपूर्ण संबंध के पक्ष में लेकिन हिंसा बर्दाश्त नहीं : राहुल गांधी

दुबई। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात में विभिन्न मुद्दों पर विचार व्यक्त करते हुए पाकिस्तान पर निशाना साधा और कहा कि वह पड़ोसी देश के साथ शांतिपूर्ण संबंध के पक्षधर हैं लेकिन निर्दोष भारतीयों के खिलाफ हो रही हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।

यूएई की यात्रा पर गए गांधी ने वहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कई मसलों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि मैं पाकिस्तान के साथ शांतिपूर्ण संबंध के पक्ष में हूं, लेकिन निर्दोष भारतीयों पर की जा रही हिंसा को सहन नहीं करूंगा।

गांधी ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच हुए गठबंधन की चर्चा करते हुए कहा कि सपा और बसपा ने राजनीतिक निर्णय लिया है। यह हम पर है कि हम उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को कैसे मजबूत बनाए। हम अपनी पूरी क्षमता से लड़ेंगे।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा बहुत आक्रामक, असहिष्णु हो रही है और हमारे संस्थानों को नष्ट कर रही है। यह कुछ समय की परेशानी है हम 2019 के चुनावों के बाद इसे देखेंगे।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर संस्थानों का ‘गला घोंटने’ का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे देश कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। केंन्द्रीय जांच ब्यूरो निदेशक को हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सोचता है कि लोगों की आवाज अप्रासंगिक है।

हमलोग 2019 का चुनाव क्यों जीतेंगे इसका एक कारण यह है कि नौकरशाहों और संस्थानों से बड़े पैमाने पर प्रतिक्रिया आ रही है और कहा जा रहा है कि हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।

गांधी ने कहा कि मैंने 10 दिनों में कृषि ऋण माफ करने का वादा किया और मैंने इसे दो दिन में ऋण माफ कर दिखाया। इसलिए मैं आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने के लिए सब कुछ करूंगा जैसा कि मैंने वादा किया था।

मोदी हमारे संस्थानों का गला घोंट कर भारत की ताकत पर हमला कर रहे हैं। हम वही करना शुरू करेंगे जो कांग्रेस पार्टी ने सफलतापूर्वक किया है, भारत को आर्थिक रास्ते पर ले जाएंगे। आज वर्तमान सरकार विफल हो रही है और देश में बड़े पैमाने पर बेरोजगारी का संकट है।

मोदी द्वारा नोटबंदी लापरवाह एवं गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई थी। वह अनौपचारिक क्षेत्र के पतन के लिए सीधे जिम्मेदार थे। भारत और यूएई के बीच संबंध पुराने और पारस्परिक लाभप्रद रहे हैं। ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां हमलोग एक साथ काम कर सकते हैं।