अमित शाह ने राम मंदिर, भ्रष्टाचार और घुसपैठियों पर कांग्रेस को घेरा

Amit Shah at party meet says BJP wants Ram temple at earliest, congress creating hurdles
Amit Shah at party meet says BJP wants Ram temple at earliest, congress creating hurdles

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने राम मंदिर, भ्रष्टाचार और घुसपैठियों के मुद्दों पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को घेरते हुए मंदिर और घुसपैठियों के मामले में उसका रुख स्पष्ट करने की चुनौती दी।

शाह ने यहां रामलीला मैदान में भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के कार्यकाल में 12 लाख करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार हुआ। मोदी सरकार ने आने के साथ कालाधन पर लगाम कसने के लिए विशेष कार्यबल का गठन किया। नोटबंदी के दौरान तीन लाख फर्जी कंपनियों की पहचान कर उन्हें बंद किया गया। सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण से सरकारी सब्सिडी की चोरी रुकी।

अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीद मामले में गिरफ्तार क्रिस्टन मिशेल के गांधी परिवार से संबंध की ओर इशारा करते हुये भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज​ मिशेल मामा पकड़े जाते हैं तो उनके पसीने-पसीने छूट जाते हैं। पता नहीं मिशेल मामा ने क्या-क्या बता दिया होगा। आपका इतिहास भ्रष्टाचार से भरा हुआ है और आप हम पर आरोप लगाते हैं।

उन्होंने बैंकों से करोड़ों रुपए का कर्ज लेकर भाग चुके कारोबारियों नीरव मोदी, विजय माल्या और मेहुल चोकसी पर कांग्रेस के लगातार जारी हमलों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस के समय वे आराम से देश में थे और मोदी सरकार के शासन में भागने पर मजबूर हुए हैं।

उन्होंने कहा कि चौकीदार सत्ता में आया इसलिए ये देश छोड़कर भाग गए। कांग्रेस के समय आराम से थे कि कोई कुछ बिगड़ नहीं सकता। देश का जितना पैसा लेकर ये भागे हैं चौकीदार सब वसूल कर लाएगा।

राफेल मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए शाह ने कहा कि गांधी के पास कोई दस्तावेज नहीं है और इसीलिए बार-बार मांग करने के बाद भी वह उच्चतम न्यायालय को कोई दस्तावेज नहीं दे सके। उच्चतम न्यायालय ने कह दिया कि जांच की कोई जरूरत नहीं है और राफेल सौदे में किसी को अनुचित लाभ नहीं दिया गया है।

उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के फैसले के बाद भी कांग्रेस नहीं मानी और संसद में चर्चा की मांग करने लगी। उन्हें लगा कि सरकार डर जाएगी लेकिन गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने चर्चा की बात स्वीकार कर ली। गांधी चौबे से छब्बे बनने संसद गए थे और दुब्बे बनकर संसद से निकले।

जब राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) से जुड़े नागरिकता संशोधन विधेयक पर संसद में चर्चा हो रही थी तो कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दल लोकसभा से बाहर चले गए, जैसे घुसपैठिये उनके मौसेरे भाई हों।

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की और कहा कि राहुल गांधी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उनका गठबंधन इससे सहमत है कि इस देश में घुसपैठिये रहें। हमारे लिए यह वोट बैंक का नहीं, देश की सुरक्षा का मामला है।

उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश के नागरिकों की पहचान से जुड़ा हुआ है, देश के नागरिकों के सम्मान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बताया कि असम में एनआरसी के जरिये 40 लाख बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान हुई है।

शाह ने कांग्रेस पर उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम जन्म भूमि पर मंदिर निर्माण में रोड़े अटकाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है राम जन्म भूमि स्थल पर जल्द से जल्द भव्य मंदिर का निर्माण हो। उच्चतम न्यायालय में मामला चल रहा है। हम प्रयास कर रहे हैं कि जल्द से जल्द फैसला हो, लेकिन कांग्रेस इसमें एक के बाद एक रोड़े अटका रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं वकील कपिल सिब्बल ने उच्चतम न्यायालय में सुनवाई 2019 के आम चुनाव तक टालने की अपील की थी। उन्होंने कांग्रेस से इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।