x

खादी का गोबर तथा प्लास्टिक मिश्रित कागज बाजार में

जयपुर। खादी ग्रामोद्योग आयोग ने स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर प्लास्टिक मिश्रित तथा गाय के गोबर से कागज बनाया है।

सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री गिराज सिंह ने आज यहां कुमारप्पा राष्ट्रीय हस्तनिर्मित पेपर संस्थान में कागज की विशेषता बताते हुए कहा कि कचरे से उपयोगी उत्पाद बनाने की दिशा में यह बहुत बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के स्वच्छता अभियान की प्रेरणा से इस परियोजना को हाथ में लिया गया है।

सिंह ने कहा कि किसानों से पांच रुपये किलो गोबर खरीदने की योजना है जिससे आवारा घूमने वाली गायों के संरक्षण में मदद मिलेगी तथा किसानों को भी इससे फायदा होगा।

उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में आयोग के प्रशिक्षण केन्द्रों में गोबर से बिजली बनाने की योजना शुरू हो रही है जिसे बाद में गांव गांव तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्फूर्ति योजना के तहत समुह बनाने पर तीन करोड रुपए की सहायता से गोबर उद्योग स्थापित किए जाएंगे।

इस अवसर पर उन्होंने नारियल तथा फूलों से बनाई गई हवन सामग्री को भी बिक्री के लिए जारी किया। आयोग के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने दावा किया कि पतंजलि से भी सस्ती एवं अच्छी हवन सामग्री तैयार की गई है तथा शीघ्र ही देशभर में खादी भण्डारों पर इसकी बिक्री शुरू होगी।

उन्होंने बताया कि प्लास्टिक मिश्रित कागज के थैलों की मांग अभी से बढ़ने लगी है तथा रेमण्ड ने डेढ लाख थैलों की खरीद का आदेश दिया है।

पिछला लेखऐतिहासिक स्तर तक लुढ़कने के बाद रुपए ने की वापसी
अगला लेखबीएचयू में बवाल, पुलिस ने छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े
© Y2KSOLUTION