अरविंद केजरीवाल पर फिल्म लांच करेगी अमरीकी कंपनी

'An Insignificant Man': Vice to launch film on Arvind Kejriwal
‘An Insignificant Man’: Vice to launch film on Arvind Kejriwal

मुंबई। अमरीका की मीडिया कंपनी वाइस दिल्ली के जुझारू मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जीवन पर आधारित फिल्म लांच करेगी। इस फिल्म का नाम- ‘एन इनसिग्निफिकेंट मैन’ है। खुशबू रांका और विनय शुक्ला द्वारा निर्देशित यह एक अकाल्पनिक राजनीतिक फिल्म है, जो सामाजिक कार्यकर्ता से लेकर राजनेता बने अरविंद केजरीवाल के भारतीय राजनीतिक क्षितिज पर उदय को दर्शाती है।

इस फिल्म को ‘मास्टरपीस’ बताते हुए वाइस ने घोषणा की है कि अब वह फिल्म को पूरे भारत और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रिलीज करने कि लिए निर्माता आनंद गांधी की मेमिसिस लैब के साथ साझेदारी करेंगे।

वाइस डॉक्यूमेंट्री फिल्म्स के कार्यकारी निर्माता जेसन मोजिका ने कहा कि मैंने ‘एन इनसिग्निफिकेंट मैन’ टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल 2016 में देखी और मुझे लगा कि यह फिल्म मार्शल करी की ‘स्ट्रीट फाइट’ के बाद जमीनी राजनीति पर बनी सबसे बेहतरीन डॉक्यूमेंट्री फिल्म है।

इस फिल्म पर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी को ऐतराज था। उन्होंने फिल्म रिलीज करने के लिए फिल्म निर्माताओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और अरविंद केजरीवाल से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लाने को कहा था। अंत में, फिल्म प्रमाणन अपीलीय न्यायाधिकरण ने फिल्म को मंजूरी दे दी।

माजिका ने कहा कि हम पिछले कुछ महीनों में इस फिल्म पर फिल्म निर्माताओं और सेंसर बोर्ड के बीच की लड़ाई पर करीब से नजर रखे हुए थे। वाइस हमेशा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे स्वतंत्र फिल्म निमार्ताओं को सहयोग करता रहेगा।

माजिका ने आगे कहा कि हम ‘एन इनसिग्निफिकेंट मैन’ को विश्वभर में अपने दर्शकों के समक्ष इसलिए ला रहे हैं, क्योंकि हम मानते हैं कि यह किसी भी व्यक्ति के लिए एक अत्यधिक प्रासंगिक फिल्म है जो अपने राजनीतिक प्रणालियों में समस्याओं को देखता है और जिसमें व्यक्तिगत रूप से चीजों को बदलने की कोशिश करने का जज्बा दिखता है।”

हालांकि सौदे की शर्तो का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन कयास लगाया जा रहा है कि यह फिल्म 22 से ज्यादा देशों में दिखाई जाएगी।

मेमिसिस लैब के आनंद गांधी ने कहा कि भारतीय सिनेमा के इतिहास में पहली बार एक ऐसी फिल्म दिखाई जाएगी, जिसे देखकर लोग समझ पाएंगे कि राजनीतिक दलों में बंद दरवाजों के पीछे क्या होता है। यह फिल्म भारत में 17 नवंबर को रिलीज होगी।

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