कौन है काँग्रेस का ‘सामंत’?

सिरोही में पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करता काँग्रेस का असंतुष्ट धड़ा।
सिरोही में पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करता काँग्रेस का असंतुष्ट धड़ा।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। जिला परिषद और पंचायत राज चुनाव में टिकिट वितरण को लेकर सिरोही काँग्रेस में गुस्सा जारी है। मुख्य कांग्रेस इसके लिए पर्यवेक्षक रामलाल जाट को दोषी मान रही है।

टिकिट वितरण से नाराज मुख्य कांग्रेस के नेताओं ने निर्दलीय विधायक के समर्थकों के आगे मूल कांग्रेस को दरकिनार करने पर रोष जताया। इन लोगों ने रामलाल जाट पर काँग्रेस में सामंतवाद हावी करने और इसे निजी कम्पनी बनाने का आरोप बुधवार को पत्रकार वार्ता में लगाया।
पत्रकार वार्ता में चुनाव पर्यवेक्षक रामलाल जाट की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए कुलदीप सिंह ने कहा कि कांग्रेस के लिए विधानसभा चुनावों में संघर्ष करने वाले लोगों को जिला प्रमुख और पंचायत राज चुनाव में दरकिनार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि तीनों विधनासभा में कांग्रेस को हराने वाले लोगों को टिकिट दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि काँग्रेस पर्यवेक्षक रामलाल जाट की कार्यप्रणाली संदिग्ध रही है। कुलदीप सिंह ने आरोप लगाया कि नीरज डांगी शोभा सोलंकी, काँग्रेस जिलाध्यक्ष जीवाराम के रहते हुए सिम्बल देने के लिए अपने सहयोगी के साथ सिरोही के निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा के पुत्र को भेजा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि काँग्रेस को निजी कम्पनी की तरह चलाया जा रहा है।
निवर्तमान जिला परिषद सदस्य पुखराज गहलोत ने आरोप लगाया कि उन पर जानलेवा हमला करने वाले लोगों को टिकिट दिया गया है।  उन्होंने कहा कि वार्ड 11 में बाहरी व्यक्ति को टिकिट दे दिया गया जबकि वहां के सभी सरपँच उनके पक्ष में थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि रामलाल जाट यदि ईमानदार हैं और उन्होंने सिरोही में जिला परिषद व पंचायत समिति चुनावों के टिकिट वितरण में कोई अनियमितता नहीं की है तो वो अपना लाय डिटेक्टर टेस्ट करवा लेवें। यदि उनकी नीयत का खुलासा नहीं हो जाये तो वो अपनी सारी सम्पत्ति छोड़ देंगे।
काँग्रेस पदाधिकारी इंद्र सिंह देवड़ा ने रामलाल जाट पर आरोप लगाया कि उन्होंने कॉरपोरेट घरानों के दबाव में पिंडवाड़ा पंचायत समिति में काँग्रेस की नीतियों के साथ समझौता करके भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मूल कांग्रेस के कई पदाधिकारी चाहते तो निर्दलीय विधायक के साथ जाकर टिकिट ले लेते, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

उन्होंने भावरी समेत कई पंचायत समितियों का नाम लेते हुए टिकिट वितरण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सामंतवाद के खिलाफ सदा लड़ाई लड़ी है। काँग्रेस के पदाधिकारी सिरोही काँग्रेस में सामंतवाद के खिलाफ भी लड़ेगी और काँग्रेस का गौरव बरकरार रखेगी।उन्होंने आरोप लगाया कि सिरोही टिकिट लेने जाने वालों से पूछा जा रहा था कि पैसा कितना खर्च करोगे। उनकी वेदना थी कि यदि पैसा नहीं होगा तो सामान्य कार्यकर्ता को टिकिट नहीं मिलेगा वो सिर्फ सेवा करेगा।

जैसाराम ने कहा कि उन्होंने भी सिरोही पंचायत समिति से पंचायत समिति सदस्य का टिकिट मांगा था। लेकिन, भाजपा समर्थित सरपंचों की पैरवी पर दूसरे व्यक्ति को टिकिट दे दिया गया जबकि वे जिला कांग्रेस पदाधिकारी हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि आम काँग्रेस कार्यकर्ता के हितों को दरकिनार करके टिकिट वितरण किया गया है जिसकी जांच की जानी चाहिए।
पूर्व जिला परिषद सदस्य राकेश रेबारी ने कहा कि काँग्रेस के कार्यकर्ता निरंतर कांग्रेस की उन्नति के लिए तन मन से लगे हुए हैं। ऐसे में यदि पार्टी में जमीनी कार्यकर्ताओं को तरजीह नहीं ढ़ी जाती है तो मायूसी छाती है।