…तो मैं शायद कभी ओपनर नहीं बन पाता : वीरेन्द्र सहवाग

Anil Kumble should be chairman of selectors but BCCI needs to raise pay : Virender Sehwag

नई दिल्ली। भारत के सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाजों में से एक वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि यदि उनके समय में सेलेक्टर एप जैसी कोई चीज होती तो वह ओपनर नहीं बन पाते।

भारत के पहले तिहरे शतकधारी और मुल्तान के सुल्तान के नाम से मशहूर सहवाग ने बुधवार को यहां सेलेक्टर एप लांच करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यदि मेरे समय में इस तरह का कोई एप होता तो मैं कभी ओपनर नहीं बन पाता। इस एप के जरिए क्रिकेट प्रशंसकों को अपनी टीम चुनने का मौका मिलता है और यदि मेरे समय यह एप होता तो हर कोई सौरभ गांगुली को ही ओपनर चुनता और मैं मध्यक्रम में ही खेलता रह जाता और कभी ओपनर नहीं बन पाता।

सहवाग ने कहा कि जब आप भारतीय टीम में होते हैं कप्तान और कोच ही टीम का चयन करते हैं। इस एप के जरिए प्रशंसकों को अपनी टीम चुनने का मौका मिल सकता है और वह देख सकते हैं कि उनकी पसंद की टीम क्या हो सकती है।

यह पूछने पर कि क्या वह भारतीय टीम का कोच बनना चाहेंगे, सहवाग ने हंसते हुए कहा कि 2017 में मैंने कोच पद के लिए तब आवेदन किया था जब मुझसे कहा गया था। लेकिन इस बार मुझसे किसी ने ऐसा नहीं कहा और मैंने कोच बनने के लिए आवेदन नहीं किया।

सेलेक्टर एप के ब्रांड एंबेसेडर सहवाग से यह पूछने पर कि क्या वह 2021 में रवि शास्त्री का कार्यकाल समाप्त होने के बाद कोच के लिए आवेदन करना चाहेंगे, उन्होंने कहा कि दो साल में बहुत कुछ बदल जाता है। मैं बीसीसीआई का अध्यक्ष भी बन सकता हूं। तब मुझे कोच के लिए आवेदन करने की कोई जरुरत नहीं पड़ेगी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पूर्व भारतीय कप्तान और लेग स्पिनर अनिल कुंबले को भविष्य में चयनकर्ता प्रमुख बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कुंबले कप्तान थे तो एक दिन वह मेरे कमरे में आए और उन्होंने कहा कि तुम अगली दो सीरीज खेलने जा रहे हो और तुम्हें हटाया नहीं जाएगा। वह इस तरह का आत्मविश्वास खिलाड़ियों को देते थे।

दिलचस्प बात है कि बीसीसीआई ने 2017 में कुंबले का कोच पद पर कार्यकाल नहीं बढ़ाया था और उनकी जगह रवि शास्त्री को कोच नियुक्त किया था और अब सहवाग यह सुझाव दे रहे हैं कि कुंबले को भविष्य में चयनकर्ता प्रमुख बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कुंबले सचिन, सौरभ और राहुल जैसे सीनियर खिलाड़ियों से बात करते थे और युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शक भी रहते थे। ऐसे खिलाड़ी को चयनकर्ता प्रमुख बनाया जा सकता है जो टीम के लिए सही चुनाव करेंगे।

भारत की वेस्टइंडीज में गुरुवार से शुरु हो रही टेस्ट सीरीज में रोहित शर्मा और अजिंक्या रहाणे में से किसी एक को खेलाने के सवाल पर सहवाग ने कहा कि रोहित टेस्ट टीम में तभी फिट बैठते हैं जब भारत चार गेंदबाजों के साथ खेले। वरना मैं रहाणे को ही एकादश में खेलाने का समर्थन करुंगा।

सहवाग ने कहा कि विश्वकप सेमीफाइनल में महेंद्र सिंह धोनी को पांच नंबर पर उतारना चाहिए था क्योंकि वह एक छोर संभाले रहते और हार्दिक पांड्या या रिषभ पंत जैसे हिटर बल्लेबाज निचले क्रम में रन गति को तेजी दे सकते थे। सहवाग ने भी माना कि सहवाग को छठे नंबर पर खेलाने का फैसला सही नहीं था।

ऑस्ट्रेलियाई ओपनर स्टीवन स्मिथ के गले पर जोफ्रा आर्चर की गेंद से लगी चोट पर सहवाग ने कहा कि मैं अपने पूरे करियर में कभी चेस्ट पैड लगाकर नहीं खेला। बल्लेबाज के हाथ में बल्ला होता है और सिर पर हेल्मेट। ऐसे में स्मिथ अपनी नजरें गेंद से कैसे हटा सकते हैं।

उन्होंने बीसीसीआई के हितों के टकराव के नियम को भी समझ से परे बताया और तेज गेंदबाज शांतकुमारन श्रीसंत पर लगे प्रतिबंध को घटाकर सात वर्ष करने और उनके प्रतिबंध को अगले साल समाप्त हो जाने को लेकर खुशी जताई।