मध्यप्रदेश के वार्षिक बजट के प्रमुख प्रावधान एक नजर में

Annual budget presented in Madhya Pradesh Legislative Assembly
Annual budget presented in Madhya Pradesh Legislative Assembly

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में आज वित्त वर्ष 2021 22 के लिए पेश किए गए वार्षिक बजट से संबंधित प्रमुख आकड़े और विभिन्न विभागों के बजट प्रावधान संबंधी इस प्रकार हैं।

वर्ष 2021-22 में वर्ष 2020-21 के पुनरीक्षित अनुमान की तुलना में राज्य के स्वयं के कर राजस्व में 22 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित।

वर्ष 2021-22 में वर्ष 2020-21 के पुनरीक्षित अनुमान की तुलना में राजस्व व्यय में 09 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित।

वर्ष 2021-22 में वर्ष 2020-21 के पुनरीक्षित अनुमान की तुलना में पूंजीगत व्यय में 42.6 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित।

वर्ष 2021-22 में पूंजीगत परिव्यय राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 3.90 प्रतिशत अनुमानित। राजस्व घाटा राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का (-0.73 प्रतिशत)। इसके अलावा ब्याज भुगतान कुल राजस्व प्राप्तियों का 12.72 प्रतिशत।
बजट में विभिन्न विभागों और योजनाओं के लिए प्रावधानिक राशि (रुपयों में)

अनुसूचित जनजाति (उपयोजना) के लिए 24,911 करोड़। अनुसूचित जाति (उपयोजना) के लिए 17,980 करोड़।

सरकारी प्राथमिक शालाओं की स्थापना के लिए 9793 करोड़ का प्रावधान (स्कूल शिक्षा)। जल जीवन मिशन के लिए 5762 करोड़ का प्रावधान। माध्यमिक शालाओं के लिए 5329 करोड़ का प्रावधान (स्कूल शिक्षा)। अटल कृषि ज्‍योति योजना के लिए 4600 करोड़।

शासकीय हाई एवं हायर सेकेण्डरी शालाओं के लिए 4027 करोड़। समग्र शिक्षा अभियान के लिए 3993 करोड़। पंद्रहवें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार स्थानीय निकायों को अनुदान के लिए 4394 करोड़। प्रवेश कर से नगरीय निकायों को हस्तान्तरण के लिए 3600 करोड़।

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए 3200 करोड़। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 3035 करोड़। प्राथमिक शालाएं हेतु 2987 करोड़(जनजाति कार्य विभाग)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 2925 करोड़। अटल गृह ज्योति योजना के लिए 2581 करोड़।

प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 2500 करोड़। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना हेतु 2220 करोड़। नहर तथा उससे संबंधित निर्माण कार्य हेतु 2026 करोड़। कला, विज्ञान तथा वाणिज्य महाविद्यालय हेतु 2016 करोड़। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना हेतु 2000 करोड़।

मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजना हेतु 2000 करोड़। बांध तथा संलग्न कार्य हेतु 1885 करोड़। सामाजिक सुरक्षा और कल्याण हेतु 1816 करोड़। माध्यमिक शालाएं हेतु 1769 करोड़ (जनजाति कार्य विभाग)।
हाउसिंग फॉर ऑल के लिए 1500 करोड़।

सी एम राइज के लिए 1500 करोड़। न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम विशेष पोषण आहार योजना हेतु 1450 करोड़।
विद्युत मंडल द्वारा 5 एच.पी. के कृषि पम्पों/थ्रेशरों तथा एक बत्ती कनेक्शन को नि:शुल्क विद्युत प्रदाय हेतु प्रतिपूर्ति हेतु 1301 करोड़। ऑगनबाड़ी सेवायें हेतु 1272 करोड़।