कोटा जिले में अतिवृष्टि, बचाव-राहत कार्य के लिए बुलाई सेना

कोटा। राजस्थान के कोटा जिले में निरन्तर भारी वर्षा एवं कोटा बैराज से पानी की निकासी के कारण अनेक स्थानों पर जल भराव की स्थिति को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट उज्ज्वल राठौड़ ने सेना की एक टुकडी को भिजवाने के लिए सरकार को पत्र लिखा है।

जिला मजिस्ट्रेट ने बताया की कोटा जिले में अतिवृष्टि एवं कोटा बैराज से पानी निकासी के कारण शहरी क्षेत्र मे जवाहर नगर, बोरखण्डी, संजय नगर, देवली अरब तथा ग्रामीण क्षेत्रों के इटावा उपखण्ड के अनेक गांवों मे पानी भराव के कारण जन-जीवन प्रभावित हुआ है।

उन्होंने बताया की स्थानीय स्तर पर जन-जीवन के बचाव एवं राहत कार्य के लिए स्थानीय प्रशासन, एसडीआरएफ, होमगार्ड, नगर निगम, नागरिक सुरक्षा दल द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है विभीषिका से निपटने के लिए सेना की आवश्यकता रहेगी।

उन्होंने प्रमुख शासन सचिव आपदा प्रबन्धन एवं सहायता विभाग तथा आर्मी सेन्टर कोटा के स्टेशन कमांडर को पत्र लिखकर सैन्य टुकडी मय आवश्यक संसाधन के भिजवाने का अनुरोध किया है।

अधिकारियों को बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोडने के निर्देश

कोटा संभाग में हो रही अतिवृष्टि के दृष्टिगत संभागीय आयुक्त कैलाश चंद मीणा ने आदेश जारी कर संभाग के सभी संभाग स्तरीय अधिकारियों से बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं।

मीणा ने बताया कि संभाग स्तरीय अधिकारियों के साथ ही जिला स्तरीय अधिकारी भी संबंधित कलक्टर की पूर्वानुमति के बिना मुख्यालय से बाहर नहीं जाएंगे। उन्होंने बताया कि आदेश की पालना नहीं करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
अतिवृष्टि को देखते हुए जिले में विभिन्न विभागों के स्तर पर कलक्टर के निर्देश पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं जिनमें कोई भी नागरिक अपनी समस्या की जानकारी दे सकेंगे।

इस बीच कोटा मे अत्यधिक वर्षा एव जलभराव से उत्पन्न परिस्थितियों के मध्येनजर कलक्टर ने आम नागरिकों की समस्या निराकरण करने एवं बचाव एवं राहत कार्य के समन्वय के लिए छह अधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रवार समन्वयक अधिकारी बनाया है।

कोटा जिले में लगातार अधिक वर्षा एवं बांधों से पानी छोडने के कारण जल भराव की स्थिति उत्पन्न होने से कलक्टर ने आम नागरिकों को जल भराव क्षेत्रों पर अनावश्यक भ्रमण नहीं करने तथा नदी नालों का पानी मार्गाे की रपट से उपर होकर जाते समय आवागमन नहीं करने का आव्हान किया है क्योंकि बडी संख्या में लोग पिकनिक मनाने के लिए बांधों, नदी-तालोबों तक पंहुच रहे हैं।

उन्होंने बताया की अधिक वर्षा के कारण नदी नालों बांध तालाबों, झरनों में पानी की आवक लगातार हो रही है ऐसे मे आम नागरिकों का जल भराव क्षेत्रों मे अनावश्यक भ्रमण जन-जीवन के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने बताया की बांधों से पानी छोडने के कारण जिले में विभिन्न स्थानों पर सड़कों की रपट व पुलों के उपर होकर पानी जा रहा है ऐसे मे वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया हुआ है।

उन्होंने नागरिकों से आव्हान किया है कि पानी भराव के समय सड़कों की रपट से दुपहिया एवं चौपहिया वाहनों को नहीं निकाले तथा पर्यटन महत्व के जल भराव क्षेत्रों मे इस दौरान अनावश्यक भ्रमण नहीं करे।